जन्मोत्सव के इस विशेष दिन पर शहरभर में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने हर्षोल्लास के साथ बधाइयाँ दीं। कार्यक्रम का मुख्य आयोजन रेलवे स्टेशन परिसर स्थित सर्व धर्म हनुमान मंदिर में हुआ, जहां आध्यात्मिक वातावरण के बीच भव्य आयोजन संपन्न हुआ।
मंदिर परिसर में जैसे ही गुरुचरण सिंह होरा पहुंचे, वातावरण ‘जय श्री राम’ और ‘वीर हनुमान’ के जयघोष से गूंज उठा। सेवा समिति के संस्थापक एवं समाजसेवी कुबेर राठी के नेतृत्व में ढोल-नगाड़ों की थाप और पुष्प वर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पूरा परिसर भक्ति मय माहौल में डूबा नजर आया।
गुरुचरण सिंह होरा ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और बजरंगबली के समक्ष दीप प्रज्वलित कर आरती की। उन्होंने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हनुमान जी के चरणों में जो शांति और सुकून मिलता है, वह अद्वितीय है।
इस पावन अवसर पर समाजसेवी कुबेर राठी द्वारा विशाल महाभंडारे का आयोजन भी किया गया। इस भंडारे में लगभग 5,000 से 6,000 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। खास बात यह रही कि गुरुचरण सिंह होरा स्वयं श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे और अपने हाथों से प्रसाद वितरित कर सेवा भावना का परिचय दिया।
आरती के पश्चात कुबेर राठी ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया और जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद केक काटकर सभी के साथ खुशियां साझा की गईं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को एक यादगार और प्रेरणादायक क्षण बताया।
मीडिया से चर्चा करते हुए गुरुचरण सिंह होरा ने बताया कि उनके दिन की शुरुआत गुरुद्वारे में अरदास के साथ हुई थी और शाम को हनुमान जी के चरणों में आकर उन्हें विशेष शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने मंदिर को सिद्धपीठ बताते हुए कहा कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
वहीं, समाजसेवी कुबेर राठी ने होरा जी को ‘कर्मयोगी’ बताते हुए उनके व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरुचरण सिंह होरा केवल एक सफल व्यवसायी नहीं हैं, बल्कि सेवा और समर्पण की भावना से प्रेरित व्यक्ति हैं, जो समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करते रहते हैं।
इस अवसर पर सर्व धर्म हनुमान मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष राजकुमार राठी, संयोजक कमलेश तिवारी, आशिफ मेमन, मन्नू नथानी, कीर्ति माखीजा, अंकित राठी, विवेक जोशी, कंचन शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल एक जन्मदिन समारोह था, बल्कि समाज में सेवा, आस्था और एकता का संदेश देने वाला प्रेरणादायक कार्यक्रम भी साबित हुआ।