खैरागढ़ के सर्रागोंदी स्कूल में शिक्षिका पर दुर्व्यवहार का आरोप, पत्रकार को दी धमकी
खैरागढ़ जिले के सर्रागोंदी प्राथमिक शाला में शिक्षिका पर पत्रकार से दुर्व्यवहार और बच्चों को उकसाने का आरोप लगा है। मामले को लेकर ग्रामीणों और पत्रकार संघ में आक्रोश है।
UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले के ग्राम सर्रागोंदी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां पदस्थ एक महिला शिक्षिका पर पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार करने और बच्चों को विवाद में शामिल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दैनिक ‘सरस्वती संकेत’ के संपादक राजेंद्र सिंह चंदेल बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि स्कूल के बाहर ग्रामीण पेड़ों के नीचे बैठे हुए थे, जबकि कक्षा के भीतर पढ़ाई की स्थिति संतोषजनक नहीं थी।
जब संपादक ग्रामीणों के साथ कक्षा में पहुंचे, तो आरोप है कि वहां मौजूद शिक्षिका पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त थीं। जब उनसे स्कूल की स्थिति और शिक्षकों की उपस्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने आपा खो दिया।
शिकायत के अनुसार, शिक्षिका ने पत्रकार के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी कि “मैं महिला हूं, चप्पल से मारूंगी, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई यहां आने की।” इस घटना ने शिक्षा संस्थान की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले का एक और चिंताजनक पहलू यह है कि शिक्षिका ने अपनी गलती छिपाने के लिए वहां मौजूद छोटे बच्चों को इकट्ठा कर लिया और कथित रूप से उन्हें पत्रकार के खिलाफ बोलने तथा शोर मचाने के लिए उकसाया। ग्रामीणों के सामने हुई इस घटना से विद्यालय में अनुशासन और नैतिकता की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।
इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि स्कूल में इस तरह की घटनाएं होंगी, तो बच्चों के मानसिक विकास पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल में अनुशासन और शिक्षण व्यवस्था को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
संपादक राजेंद्र सिंह चंदेल ने इस पूरे मामले की शिकायत विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) खैरागढ़ से की है। उन्होंने दोषी शिक्षिका के खिलाफ विभागीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही विद्यालय में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और कार्यप्रणाली की जांच कराने की भी मांग की गई है।
इस मामले में जिला पत्रकार संघ ने भी कड़ा रुख अपनाया है। संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौर ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
यह घटना न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करना कितना जरूरी है।