कमलेश निषाद पिछले कई वर्षों से सड़क हादसों में घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। खास बात यह है कि वे अपने छोटे वाहन को केवल रोजी-रोटी का साधन न मानकर उसे मानव सेवा का माध्यम बना चुके हैं। जब भी उन्हें किसी दुर्घटना की सूचना मिलती है, वे बिना देर किए मौके पर पहुंचकर घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाते हैं।
अब तक वे लगभग 300 से अधिक दुर्घटनाओं में घायलों की मदद कर चुके हैं, जो अपने आप में एक अद्भुत उदाहरण है। उनकी इस सेवा को लोगों द्वारा “मानवता की पराकाष्ठा” कहा जा रहा है। इतना ही नहीं, वे दुर्घटनाओं में मृत लोगों के शवों को भी सम्मानपूर्वक उनके अंतिम संस्कार तक पहुंचाने में सहयोग करते हैं, जो उनके संवेदनशील और जिम्मेदार व्यक्तित्व को दर्शाता है।
कमलेश निषाद का यह कार्य केवल एक व्यक्ति की सेवा नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा बन चुका है। कई बार वे अपनी आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत नुकसान की परवाह किए बिना जरूरतमंदों की मदद करते हैं। उनके इस समर्पण ने न केवल कई लोगों की जान बचाई है, बल्कि पीड़ित परिवारों को कठिन समय में सहारा भी दिया है।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने उनके इस उत्कृष्ट कार्य को गंभीरता से लेते हुए उन्हें राष्ट्रपति सम्मान के लिए जिला स्तर से नामांकित किया है। यह न केवल उनके लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे जिले के लिए भी सम्मान का विषय है।
इस अवसर पर उनके बड़े भाई, जो लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं, भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि कमलेश निषाद के कार्यों का शब्दों में वर्णन करना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले 25 वर्षों से वे अपने भाई के साथ जनसेवा और राष्ट्र सेवा में जुड़े हुए हैं और उन्हें इस बात का गर्व है कि उनके परिवार में ऐसा जनसेवक है।
उन्होंने आगे कहा कि कमलेश जैसे लोग किसी भी संगठन और समाज के लिए सौभाग्य होते हैं। सभी लोग मिलकर प्रयास करेंगे कि उन्हें राष्ट्रपति सम्मान जरूर मिले, क्योंकि वे इसके सच्चे हकदार हैं।
कमलेश निषाद का जीवन यह संदेश देता है कि सेवा के लिए बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती, बल्कि सच्ची नीयत और मानवता के प्रति संवेदना ही सबसे बड़ी ताकत होती है। वे हर समय अपने वाहन के साथ लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं, चाहे इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत नुकसान ही क्यों न उठाना पड़े।
बालोद पुलिस द्वारा किया गया यह सम्मान न केवल कमलेश निषाद के कार्यों की सराहना है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरित करने का एक माध्यम है। यह पहल पूरे जिले में सेवा भावना को बढ़ावा दे रही है और यह संदेश दे रही है कि इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं होता।