मौसी माता मंदिर में महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, रात्रि आरती में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और अधिकारी

रायपुर के गायत्री नगर स्थित मौसी माता मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन एवं रात्रि आरती में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, संतों और प्रशासनिक अधिकारियों ने महाप्रभु का आशीर्वाद लेकर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

Jul 18, 2026 - 18:06
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मौसी माता मंदिर में महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, रात्रि आरती में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और अधिकारी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l श्री जगन्नाथ सेवा समिति, गायत्री नगर (शंकर नगर), रायपुर द्वारा आयोजित श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के अंतर्गत भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा के बाद महाप्रभु अपने पारंपरिक विश्राम स्थल मौसी माता मंदिर पहुंचे। सनातन परंपरा के अनुसार भगवान श्री जगन्नाथ वर्ष में एक बार अपनी मौसी के घर नौ दिनों तक विश्राम करते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं को भगवान के निकट दर्शन और पूजा-अर्चना का विशेष अवसर प्राप्त होता है।

गायत्री नगर स्थित मौसी माता मंदिर में आयोजित रात्रि आरती के दौरान पूरा परिसर श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो गया। शंखध्वनि, घंटों की मधुर अनुगूंज, भजन-कीर्तन और "जय जगन्नाथ" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बन गया। हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के दर्शन कर आरती में भाग लिया तथा प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की प्रार्थना की।

धार्मिक मान्यता के अनुसार मौसी माता मंदिर भगवान श्री जगन्नाथ की उस दिव्य लीला का प्रतीक है, जिसमें वे अपने भक्तों के बीच नगर भ्रमण करते हुए अपनी मौसी के घर पहुंचते हैं। यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रेम, सेवा, समरसता और लोककल्याण का संदेश भी देती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मौसी माता के घर भगवान का विश्राम सभी भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल का संचार करता है।

श्री जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष एवं उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा समरसता, सेवा, समानता और लोकमंगल का महापर्व है। उन्होंने कहा कि महाप्रभु का मौसी माता के घर आगमन यह संदेश देता है कि ईश्वर अपने प्रत्येक भक्त के घर और हृदय में समान रूप से विराजमान होते हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर में यह आयोजन वर्षों से सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक गौरव और सनातन परंपराओं के संरक्षण का सशक्त माध्यम बना हुआ है। समिति का प्रयास है कि नई पीढ़ी भी इस गौरवशाली परंपरा से जुड़े और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को आत्मसात करे।

महाआरती के अवसर पर राम विचार नेताम, गुरु खुशवंत साहेब, धरमलाल कौशिक, मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, रोहित साहू, चैतराम अटानी, अनुज शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, पूर्व पुलिस महानिदेशक डी.एस. अवस्थी, पुलिस आयुक्त संजीव शुक्ला, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक अभय राम, प्रांत प्रचारक टोप लाल वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

समिति की ओर से सभी अतिथियों का भगवान श्री जगन्नाथ का स्मृति प्रसाद एवं अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया गया। उपस्थित अतिथियों ने आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था, अनुशासित संचालन और भक्तिमय वातावरण की सराहना की।

श्री जगन्नाथ सेवा समिति ने श्रद्धालुओं से आगामी बाहुड़ा यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया। यह आयोजन रायपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना को भी सुदृढ़ करने का माध्यम बन रहा है।