सेमरदर्री में 8,300 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच से रोजाना 67 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सेमरदर्री गांव में 'मोर गाँव मोर पानी' महाअभियान के तहत 8,300 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इन संरचनाओं के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 67.23 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज हो रहा है, जिससे जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है।

Jul 23, 2026 - 13:18
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सेमरदर्री में 8,300 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच से रोजाना 67 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज

UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित 'मोर गाँव मोर पानी' महाअभियान जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन की दिशा में प्रभावी परिणाम दे रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के जनपद पंचायत मरवाही अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरदर्री इस अभियान का सफल उदाहरण बनकर सामने आया है। यहां वर्षा जल संरक्षण के लिए 8,300 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (SCT) का निर्माण किया गया है, जिनके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 67 लाख 23 हजार लीटर पानी भू-जल में रिचार्ज हो रहा है।

सेमरदर्री के भाटा-टिकरा, शीतल गडहा और पथरा कोड़ी क्षेत्र में तैयार की गई इन संरचनाओं का उद्देश्य वर्षा जल को बहने से रोककर उसे धीरे-धीरे जमीन में समाहित करना है। वर्तमान मानसून में इन ट्रेंचों में पर्याप्त मात्रा में वर्षा जल संग्रहित हो रहा है, जिससे क्षेत्र में भू-जल स्तर बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है। यह पहल जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से वर्षा जल का संरक्षण भविष्य में जल संकट को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है। स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच वर्षा के पानी को सीधे नदियों और नालों में बहने से रोकते हैं और उसे जमीन के भीतर पहुंचाकर प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने में मदद करते हैं। इससे आने वाले समय में क्षेत्र के कुएं, हैंडपंप, बोरवेल और अन्य जल स्रोत लंबे समय तक जलयुक्त बने रहेंगे। साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए भी बेहतर जल उपलब्धता मिल सकेगी।

इस परियोजना का लाभ केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है। तेज बारिश के दौरान मिट्टी का कटाव कम होने से भूमि की उर्वरता सुरक्षित रहेगी। पर्याप्त नमी मिलने से वन क्षेत्र और हरियाली को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे कार्य स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी सहायक होते हैं।

इस अभियान ने ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराए हैं। निर्माण कार्य के दौरान प्रतिदिन 100 से 120 श्रमिकों को काम मिला और अब तक 8,078 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया जा चुका है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हुई है और स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से पलायन की समस्या में भी कमी आने की संभावना है।

जिला प्रशासन जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने पर विशेष जोर दे रहा है। विभिन्न पंचायतों में जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, जनजागरूकता कार्यक्रम और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि सरकार और जनता के संयुक्त प्रयासों से ही जल सुरक्षा का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सेमरदर्री की यह पहल भविष्य के लिए टिकाऊ जल प्रबंधन और सतत ग्रामीण विकास का एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभर रही है।