दंतेवाड़ा में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, खदान बंद; 55 लाख का जुर्माना

दंतेवाड़ा में प्रशासन ने अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए खदान संचालन बंद कराया, 55 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया और 10,800 घनमीटर पत्थर के अवैध उत्खनन का खुलासा हुआ।

Mar 23, 2026 - 17:36
 0  5
दंतेवाड़ा में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, खदान बंद; 55 लाख का जुर्माना

UNITED NEWS OF ASIA. कमलेश सिंह ठाकुर, दंतेवाडा | जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए एक खदान के संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। जांच में सामने आया कि खदान में भारी अनियमितताओं के साथ बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा था।

प्रशासनिक जांच में करीब 10,800 घनमीटर पत्थर के अवैध उत्खनन का खुलासा हुआ है। इस गंभीर मामले में खदान संचालक पर 55 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई जिले में खनिज माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि खदान में की जा रही ब्लास्टिंग का असर आसपास के क्षेत्र पर पड़ रहा था। विशेष रूप से करीब 500 मीटर दूर स्थित एक स्कूल तक इसका प्रभाव महसूस किया गया, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। स्थानीय लोगों ने भी पहले इस मुद्दे को लेकर चिंता जताई थी।

प्रशासन ने पाया कि खदान संचालन में सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय नियमों का गंभीर उल्लंघन किया जा रहा था। बिना निर्धारित सीमा और अनुमति के खनन कार्य किया जा रहा था, जिससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा था, बल्कि आसपास के रहवासियों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया था।

कार्रवाई के तहत संबंधित खदान को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार के अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

अधिकारियों ने बताया कि खनिज संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। अवैध खनन न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण और समाज दोनों के लिए खतरा बनता है।

स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध खनन की गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। जनसहभागिता से ही इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

दंतेवाड़ा में की गई यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि प्रशासन अब अवैध खनन के खिलाफ पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। आने वाले समय में भी ऐसे मामलों में लगातार जांच और कार्रवाई जारी रहने की संभावना है, जिससे जिले में पारदर्शी और नियमों के अनुरूप खनन गतिविधियों को सुनिश्चित किया जा सके।