दोपहर करीब 2 बजे आयोजित इस पहल में बड़ी संख्या में बाजार पहुंचे ग्रामीणों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। थाना प्रभारी चन्द्रशेखर श्रीवास के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लोगों को विशेष रूप से साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया और उनसे बचने के उपाय विस्तार से बताए।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि आज के डिजिटल युग में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर विश्वास करना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति में अपना ओटीपी, बैंक खाता विवरण या एटीएम कार्ड की जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।
इसके साथ ही महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी जागरूकता फैलाई गई। ग्रामीणों को बताया गया कि यदि गांव या आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आए, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। महिला और नाबालिग बच्चों से जुड़े अपराधों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।
यातायात सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। वाहन चालकों को कार चलाते समय सीट बेल्ट और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि यातायात नियमों का पालन न केवल कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि यह स्वयं और दूसरों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।
चलित थाना के माध्यम से पुलिस ने यह भी संदेश दिया कि किसी भी प्रकार के झूठे प्रलोभनों या लॉटरी, इनाम जैसी कॉल से सावधान रहें। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना देकर खुद को और दूसरों को ठगी से बचाया जा सकता है।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बाजार जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सीधे संवाद के माध्यम से लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना पुलिस की इस रणनीति का अहम हिस्सा है।
फरसगांव थाना पुलिस का यह प्रयास न केवल जागरूकता बढ़ाने में कारगर साबित हुआ, बल्कि इससे ग्रामीणों में सुरक्षा के प्रति सजगता भी बढ़ी है। पुलिस विभाग द्वारा भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रखने की बात कही गई है, ताकि आमजन सुरक्षित और जागरूक रह सके।