परासिया में चैत्र नवरात्र पर 35 वर्षों से निकल रही प्रभात फेरी, भक्ति में डूबा शहर
परासिया में चैत्र नवरात्र के अवसर पर प्रतिवर्ष सुबह 5 बजे प्रभात फेरी श्रीराम कीर्तन यात्रा निकाली जाती है। 35 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. वीरेंद्र यादव, परासिया । चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर परासिया शहर में हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां प्रातः 5 बजे से प्रभात फेरी श्रीराम कीर्तन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जो पूरे नौ दिनों तक लगातार जारी रहती है।
यह प्रभात फेरी शहर की एक पुरानी और प्रतिष्ठित परंपरा बन चुकी है। श्री शिव मानस मंडल के प्रमुख नेतृत्वकर्ता एवं कार्यकर्ताओं के अनुसार, यह आयोजन पिछले लगभग 35 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। हर वर्ष चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन से इसकी शुरुआत होती है और नौ दिनों तक प्रतिदिन अलग-अलग वार्डों में भ्रमण करते हुए यह यात्रा निकाली जाती है।
प्रभात फेरी के दौरान श्रद्धालु “श्री राम जय राम जय जय राम” के भजन-कीर्तन करते हुए पूरे शहर में भ्रमण करते हैं। इस धार्मिक यात्रा में सैकड़ों की संख्या में भक्तगण, मातृशक्ति और छोटे बच्चे भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। सुबह का शांत वातावरण भक्ति गीतों से गूंज उठता है, जिससे पूरे शहर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
प्रभात फेरी का शहर के विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया जाता है। स्थानीय निवासी अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर हाथों में पूजा की थालियां लेकर प्रभु श्रीराम के रथ का पूजन-अर्चन करते हैं। इस दौरान भक्तों में विशेष श्रद्धा और उत्साह देखने को मिलता है।
इसके साथ ही शहर के व्यावसायिक वर्ग और स्थानीय परिवारों की ओर से जगह-जगह भक्तों के लिए सेवा भाव से फल, फ्रूट, हलवा-पूरी और चाय का वितरण भी किया जाता है। यह सेवा कार्य न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और सद्भाव का भी संदेश देता है।
हर दिन प्रभात फेरी के समापन पर प्रभु श्रीराम की महा आरती की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। आरती के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाता है और इसी के साथ दिन के कार्यक्रम का समापन होता है।
इस आयोजन ने परासिया शहर में एक विशेष पहचान बना ली है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था को जीवंत रखे हुए है, बल्कि नई पीढ़ी को भी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का कार्य कर रही है।
कुल मिलाकर, चैत्र नवरात्र के दौरान निकलने वाली यह प्रभात फेरी श्रीराम कीर्तन यात्रा परासिया शहर की आस्था, एकता और संस्कृति का प्रतीक बन चुकी है, जो हर वर्ष लोगों को भक्ति के रंग में रंग देती है।