नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ देवभोग मिल्क पार्लर संघ का उग्र प्रदर्शन, कार्यालय में दूध बहाकर जताया विरोध

रायपुर नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत देवभोग मिल्क पार्लरों को हटाए जाने के विरोध में संघ के सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जोन 10 कार्यालय में दूध बहाकर विरोध जताया गया और निगम कर्मचारी पर अभद्रता के आरोप लगाए गए।

Apr 4, 2026 - 13:13
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नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ देवभोग मिल्क पार्लर संघ का उग्र प्रदर्शन, कार्यालय में दूध बहाकर जताया विरोध

UNITED NEWS ASIA.अमृतेश्वर सिंह,रायपुर।(छत्तीसगढ़) में नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ आज एक बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। छत्तीसगढ़ प्रदेश देवभोग मिल्क पार्लर संघ ने निगम की कार्रवाई के विरोध में मोर्चा खोलते हुए नगर निगम के जोन क्रमांक 10 कार्यालय में उग्र प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कार्यालय परिसर में दूध के पैकेट फोड़कर अपना आक्रोश व्यक्त किया, जिससे कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दरअसल, नगर निगम द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ‘देवभोग’ ब्रांड के मिल्क पार्लरों को भी हटाया जा रहा है। संघ का कहना है कि देवभोग छत्तीसगढ़ शासन का एक प्रतिष्ठित उपक्रम है, और इसके पार्लरों को अतिक्रमण की श्रेणी में रखना पूरी तरह अनुचित है। संघ के सदस्यों के अनुसार, इस कार्रवाई से न केवल सैकड़ों लोगों का स्वरोजगार प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम जनता को मिलने वाली दुग्ध आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।

प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन एक ओर स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं योजनाओं से जुड़े लोगों को हटाने का काम कर रहा है। इससे सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस बीच, जोन क्रमांक 10 के कर्मचारी योगेश यदु पर भी अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया गया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि कर्मचारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया, जो निंदनीय है। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए संबंधित कर्मचारी से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है।

संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में स्पष्ट किया है कि देवभोग मिल्क पार्लरों को हटाने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए, संबंधित कर्मचारी माफी मांगे, और शासन द्वारा इन पार्लरों के संचालन के लिए एक स्पष्ट और स्थायी नीति बनाई जाए, जिससे विक्रेताओं का रोजगार सुरक्षित रह सके।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में पूरे शहर की दुग्ध आपूर्ति को बंद कर उग्र आंदोलन किया जा सकता है।

फिलहाल इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन और संघ के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। अब देखना होगा कि नगर निगम इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या संघ की मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाता है या नहीं।