महंगी बिजली दरों के खिलाफ आम आदमी पार्टी का प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन आज
छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध में आम आदमी पार्टी आज प्रदेशभर में धरना प्रदर्शन करेगी। रायपुर में यह प्रदर्शन नलघर चौक और प्रेस क्लब के सामने दोपहर 1 बजे से होगा। पार्टी नेताओं ने सरकार पर आम जनता की उपेक्षा और निजी उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में भारी वृद्धि के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) आज प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन करेगी। पार्टी द्वारा जारी बयान के अनुसार रायपुर में यह विरोध प्रदर्शन नलघर चौक, रायपुर प्रेस क्लब के सामने दोपहर 1 बजे से प्रारंभ होगा। इस दौरान कार्यकर्ता और पदाधिकारी प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार जनता की समस्याओं को नज़रअंदाज कर रही है। राज्य पहले से ही बिजली सरप्लस (अधिशेष) है, इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं पर महंगे बिलों का बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि “जनता अनाप-शनाप बिजली बिलों से परेशान है, और सरकार का ध्यान केवल उद्योगपतियों को फायदा पहुँचाने पर है।”
प्रदेश महासचिव और मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने भी सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि “यह समझ से परे है कि जब राज्य बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर है, तब भी जनता को महंगी बिजली क्यों दी जा रही है?” उन्होंने कहा कि सरकार का यह तर्क कि वितरण कंपनी को घाटा हो रहा था, वास्तविकता से परे है। “अगर घाटा है, तो उसका समाधान पारदर्शिता और प्रबंधन सुधार के माध्यम से होना चाहिए, न कि उपभोक्ताओं पर भार डालकर।”
प्रदेश संगठन महासचिव उत्तम जायसवाल ने कहा कि सरकार जानबूझकर गलत आंकड़े पेश कर रही है और निजी उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “पानी हमारा, कोयला हमारा, जमीन हमारी और उत्पादन भी हमारा, फिर जनता को महंगी बिजली क्यों दी जा रही है?”
जायसवाल ने आगे कहा कि सरकार बिजली वितरण कंपनी की लागत कम करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “सरकार लाइन लॉस 15 से 20 प्रतिशत बताती है, जबकि वास्तविक लाइन लॉस 3 प्रतिशत से अधिक नहीं है। सरकार बड़े-बड़े व्यापारियों और नेताओं के करोड़ों रुपए के बिजली बिल माफ करती है, और गरीब उपभोक्ताओं को नोटिस भेजती है। यह दोहरे रवैये का उदाहरण है।”
आप नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक राज्य सरकार बिजली दरों को वापस नहीं लेती। उन्होंने मांग की कि राज्य में बिजली उत्पादन लागत और वितरण की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
आम आदमी पार्टी ने सभी जिलों में एक साथ धरना आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसमें स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता को भी शामिल होने का आह्वान किया गया है। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन जनता के हक की लड़ाई है और इसे शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी तरीके से लड़ा जाएगा।
आम आदमी पार्टी के इस विरोध प्रदर्शन से राज्य की राजनीति में बिजली दरों का मुद्दा फिर से केंद्र में आ गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा सरकार जनता के इस विरोध और मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।