रायपुर में नकली कफ सिरप बेचने पर कार्रवाई, मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नकली कफ सिरप बेचने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर में एक मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया है। जांच में सिरप को अमानक और नकली पाया गया था।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने नकली दवाओं की बिक्री के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए रायपुर में एक मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया है। विभाग की यह कार्रवाई औषधि परीक्षण प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के बाद की गई, जिसमें पाया गया कि संबंधित कफ सिरप “अमानक” और “नकली” है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, औषधि निरीक्षक गरियाबंद द्वारा औषधि “बेस्टो कॉफ ड्राई कॉफ फार्मूला” का नमूना संकलित किया गया था। जांच के दौरान पाया गया कि इस कफ सिरप के लेबल पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी तिथि का उल्लेख नहीं था। यह गंभीर लापरवाही मानी गई और नमूना परीक्षण के लिए औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से बताया गया कि सिरप औषधि मानकों के अनुरूप नहीं है और अमानक घोषित किया गया। जांच के अगले चरण में विभाग ने लेबल पर वर्णित निर्माता फर्म से संपर्क किया। इस दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई — संबंधित फर्म ने यह औषधि अपने द्वारा निर्मित नहीं की थी। यानी यह पूरी तरह नकली दवा थी, जिसका फर्जी लेबल लगाकर बिक्री की जा रही थी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए “कुलेश्वर मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स” के संचालक सीताराम साहू को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत की गई है। आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि नकली और अमानक दवाओं की बिक्री न केवल गैरकानूनी है बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। नकली दवाओं के सेवन से मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा राज्यभर में दवा दुकानों और मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में कई जिलों से संदिग्ध औषधियों के नमूने लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्टें लंबित हैं।
विभाग ने जनता से अपील की है कि वे दवा खरीदते समय हमेशा पैकिंग, लेबल, निर्माण तिथि, बैच नंबर और एक्सपायरी तिथि की जांच करें। यदि किसी औषधि में अनियमितता दिखाई दे, तो तत्काल इसकी सूचना निकटतम औषधि निरीक्षक या जिला प्रशासन को दें।
यह कार्रवाई विभाग की उस मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य में नकली और अमानक दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना और औषधि व्यापार में पारदर्शिता कायम रखना है।