बारदा धान केंद्र में खरीदी ठप, किसानों में आक्रोश तेज; तहसीलदार पर लापरवाही के आरोप

बारदा धान खरीदी केंद्र में खरीदी अब तक शुरू नहीं हुई है। साफ-सफाई, बारदाना और टोकन व्यवस्था के अभाव से किसान आक्रोशित हैं। कांग्रेस नेता भुवन बड़ाई ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

Nov 16, 2025 - 15:35
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बारदा धान केंद्र में खरीदी ठप, किसानों में आक्रोश तेज; तहसीलदार पर लापरवाही के आरोप

 UNITED NEWS OF ASIA.  श्रीदाम ढाली,  पखांजुर। प्रदेश सरकार द्वारा 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ करने की घोषणा के बाद भी बारदा धान खरीदी केंद्र में आज तक खरीदी शुरू नहीं हो सकी है। इससे क्षेत्र के किसानों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से तैयार फसल के साथ केंद्र खुलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खरीदी व्यवस्था के शुरू न होने से उन्हें गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

बारदा केंद्र में इस वर्ष साफ-सफाई का काम तक पूरा नहीं हुआ है। न तो खरीदी स्थल पर व्यवस्था बनाई गई है, और न ही बारदाना पहुँचाया गया है। ग्रामीण किसानों ने बताया कि धान खरीदी का ऐलान होने के बावजूद केंद्र प्रशासन की ओर से कोई ठोस तैयारी नजर नहीं आती। सबसे बड़ी समस्या यह है कि टोकन कटने की प्रक्रिया भी फिलहाल बंद है, जिसके कारण खरीद की पूरी प्रणाली ठप पड़ी हुई है।

किसानों का कहना है कि यदि समय पर धान खरीदी प्रारंभ नहीं की गई तो उनकी आगामी गर्मी की फसल की तैयारी भी प्रभावित होगी। खेतों में जगह खाली करने और अगली बोनी शुरू करने के लिए उन्हें धान बेचकर आर्थिक व्यवस्था बनानी होती है, लेकिन इस बार प्रशासन की लापरवाही ने उनकी योजना ही बिगाड़ दी है।

इस वर्ष बारदा धान खरीदी केंद्र की जिम्मेदारी पखांजुर तहसीलदार के पास है, लेकिन किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर गंभीर अव्यवस्था स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। न केंद्र प्रभारी उपस्थित हैं, न ही कोई व्यवस्था देखने वाला अधिकारी। किसानों का आरोप है कि प्रशासन सिर्फ कागजों में तैयारी दिखाता है, जबकि जमीन पर स्थिति बिल्कुल उलट है।

इसी बीच कांग्रेस नेता भुवन बड़ाई ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एक तरफ धान खरीदी प्रारंभ होने की बड़ी घोषणा करती है, लेकिन दूसरी ओर केंद्रों में न्यूनतम व्यवस्थाएं तक नहीं की गईं। उन्होंने इसे किसानों के साथ छल बताते हुए कहा कि यदि जल्द ही खरीदी शुरू नहीं की गई तो क्षेत्र में बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी। भुवन बड़ाई ने यह भी कहा कि प्रशासन की लापरवाही से हर साल किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है और इस बार हालात और भी खराब हैं।

किसानों ने बताया कि समय पर खरीदी न होने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। कई किसानों ने कहा कि उनकी फसल तैयार है, लेकिन केंद्र में खरीदी बंद होने के कारण वे धान बेच नहीं पा रहे हैं, जिससे कर्ज, खाद-बीज खरीद और अगली फसल की तैयारी पर सीधा असर पड़ रहा है।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर बारदा धान खरीदी केंद्र कब दुरुस्त होगा? क्या सरकार और प्रशासन किसान हितों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल खरीदी शुरू करेगा? किसानों को उम्मीद है कि उचित कदम उठाकर जल्द व्यवस्था बहाल होगी, ताकि उनकी मेहनत का सही मूल्य उन्हें समय पर मिल सके।