तरौद में श्रमदान की मिसाल: सरपंच रामटेके सहित मजदूरों ने मिलकर बढ़ाया गांव विकास

बालोद जिले के ग्राम पंचायत तरौद में सरपंच धर्मेन्द्र कुमार रामटेके के नेतृत्व में मजदूरों ने एक दिन का श्रमदान कर विकास कार्यों में भागीदारी निभाई। इस पहल ने गांव में एकता, सहयोग और सामूहिक विकास की भावना को मजबूत किया।

Apr 30, 2026 - 15:58
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तरौद में श्रमदान की मिसाल: सरपंच रामटेके सहित मजदूरों ने मिलकर बढ़ाया गांव विकास

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले के ग्राम पंचायत तरौद में सामूहिक श्रमदान का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला, जहां सरपंच धर्मेन्द्र कुमार रामटेके के नेतृत्व में ग्रामीणों और मजदूरों ने मिलकर गांव के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला मुख्यालय से लगभग 9 किलोमीटर दूर स्थित इस ग्राम पंचायत में आयोजित श्रमदान कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब समुदाय एकजुट होकर कार्य करता है, तो विकास की गति स्वतः तेज हो जाती है।

इस श्रमदान कार्यक्रम में गांव के समस्त मजदूरों ने एक दिन का श्रमदान करते हुए पंचायत के विकास कार्यों को गति दी। खास बात यह रही कि सरपंच धर्मेन्द्र कुमार रामटेके स्वयं भी इस श्रमदान में शामिल हुए और मजदूरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया। उनके इस प्रयास ने अन्य ग्रामीणों को भी प्रेरित किया और सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान पंचायत सचिव श्रीमती सीमा सेन, रोजगार सहायक दिलीप साहू, शंभू साहू, समस्त पंचगण, मेट और बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूर उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सामूहिक रूप से श्रमदान किया और गांव के विभिन्न विकास कार्यों को पूरा करने में योगदान दिया। इस दौरान गांव में साफ-सफाई, मरम्मत कार्य और अन्य आवश्यक निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी गई।

सरपंच धर्मेन्द्र कुमार रामटेके ने इस अवसर पर कहा कि शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार यह श्रमदान किया गया है और इसमें सभी मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि गांव के विकास के लिए केवल सरकारी योजनाएं ही पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि उसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी होती है। जब लोग स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाते हैं, तो विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रभाव दोनों बढ़ जाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत के कार्यों में मजदूरों और ग्रामीणों की सहभागिता सराहनीय है और यह गांव के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इस प्रकार के सामूहिक प्रयास न केवल विकास को गति देते हैं, बल्कि गांव में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।

ग्रामीणों द्वारा किया गया यह श्रमदान गांव में एकता और सहयोग का प्रतीक बनकर उभरा है। इस पहल ने यह संदेश दिया है कि यदि सभी लोग मिलकर कार्य करें, तो सीमित संसाधनों में भी बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। यह प्रयास अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक प्रेरणा है, जहां इस तरह की गतिविधियों को अपनाकर विकास को नई दिशा दी जा सकती है।

अंततः, तरौद ग्राम पंचायत में आयोजित यह श्रमदान केवल एक दिन का कार्य नहीं था, बल्कि यह एक ऐसी सोच और भावना का प्रतीक है, जो सामूहिक प्रयासों से गांव को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे प्रयास भविष्य में भी जारी रहें, यही सभी की अपेक्षा है।