बालोद में पागल कुत्ते का हमला: 4 साल के मासूम को 17 जगह काटा, हालत गंभीर

बालोद जिले के चिल्हाटीखुर्द गांव में पागल कुत्ते के हमले में 4 साल का मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे को 17 जगह काटा गया, जिसके बाद उसे रायपुर रेफर किया गया।

Apr 17, 2026 - 18:07
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बालोद में पागल कुत्ते का हमला: 4 साल के मासूम को 17 जगह काटा, हालत गंभीर

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पागल कुत्ते के हमले में 4 साल का मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटीखुर्द में हुई इस घटना ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया है।

जानकारी के अनुसार, 4 वर्षीय नादित्य पाथरे अपने घर के पास खेल रहा था। तभी अचानक एक पागल कुत्ता उस पर टूट पड़ा। कुत्ते ने बच्चे को दौड़ा-दौड़ाकर बुरी तरह नोच डाला। मासूम की चीख-पुकार से आसपास के लोग सहम गए, लेकिन कुत्ते के हमले की भयावहता इतनी थी कि कोई तुरंत पास नहीं जा सका।

बच्चे के दादा ललित पाथरे मौके पर पहुंचे और बड़ी बहादुरी के साथ बच्चे को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। इस दौरान कुत्ते ने उन पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन वे किसी तरह बच निकले।


इस हमले में नादित्य के शरीर पर 17 जगह गहरे जख्म हो गए हैं। सिर, नाक, कान, मुंह, होंठ, हाथ और पैरों सहित पूरे शरीर पर कुत्ते के काटने के निशान हैं। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने बच्चे को डौंडीलोहारा अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे रायपुर भेजा गया, जहां फिलहाल एक निजी अस्पताल में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की स्थिति स्थिर होने के बाद ही ऑपरेशन किया जाएगा, जिसके लिए कम से कम 24 घंटे का समय आवश्यक है।

बताया जा रहा है कि नादित्य के पिता दीपक पाथरे का पिछले वर्ष निधन हो चुका है और तब से उसके दादा ही उसकी देखभाल कर रहे हैं। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक और चिंता का माहौल है।

ग्रामीणों के अनुसार, यही कुत्ता पहले भी कई लोगों और पशुओं पर हमला कर चुका था। गांव के 30 वर्षीय हुमन चंदेल सहित एक राहगीर को भी उसने घायल किया था। इसके अलावा चार मवेशियों को भी काटा गया था। लगातार हमलों से आक्रोशित ग्रामीणों ने अंततः कुत्ते को मार दिया।

यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा और पागल कुत्तों के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। स्थानीय प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि वे ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करें और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करें।

फिलहाल पूरा गांव मासूम नादित्य के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है और प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग कर रहा है।