शंकर नगर में संघ शताब्दी वर्ष पर विजयदशमी उत्सव, जय मां काली प्रभात शाखा पंडरी में हुआ शस्त्र पूजन व पथ संचलन

रायपुर के शंकर नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष उपलक्ष्य में जय मां काली प्रभात शाखा पंडरी में विजयदशमी उत्सव, शस्त्र पूजन और पथ संचलन कार्यक्रम आयोजित हुआ।

Oct 12, 2025 - 18:11
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शंकर नगर में संघ शताब्दी वर्ष पर विजयदशमी उत्सव, जय मां काली प्रभात शाखा पंडरी में हुआ शस्त्र पूजन व पथ संचलन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। राजधानी रायपुर के शंकर नगर क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में “जय मां काली प्रभात शाखा पंडरी” द्वारा विजयदशमी उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक रूप से शस्त्र पूजन और पथ संचलन कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल रायपुर के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था प्रमुख नरेंद्र निर्मलकर ने बताया कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शंकर नगर की लगभग 11 बस्तियों में विजयदशमी उत्सव और शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल परंपरा का सम्मान है बल्कि समाज में संगठन और अनुशासन का प्रतीक भी है।

स्थानीय पार्षद कैलाश बेहरा ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा की और उनका अभिनंदन किया। समाजसेवी एवं परिवारजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और स्वयंसेवकों के उत्साहवर्धन के लिए उनका स्वागत किया।

शंकर नगर कार्यवाह प्रलाद दीप ने जानकारी दी कि संघ की शताब्दी वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए क्षेत्र की सभी शाखाओं में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विजयदशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन का विशेष महत्व बताया गया — यह आत्मरक्षा, पराक्रम और संगठन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

मुख्य अतिथि राजकुमार सोन छत्र और मुख्य वक्ता बलराम यदु ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ के आदर्शों और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “संघ केवल संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आंदोलन है जो समाज को एकता और सेवा के सूत्र में बांधता है।”

इस अवसर पर गणेश हरपाल, मुकेश ताड़ी, धर्मेंद्र निर्मलकर, संतोष निर्मलकर, जय डे, भरत बया सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर पथ संचलन का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से कदम मिलाते हुए नगर भ्रमण किया।

शंकर नगर में इस ऐतिहासिक विजयदशमी उत्सव ने क्षेत्र में देशभक्ति और संगठन भावना का नया संचार किया।