दंतेवाड़ा बायपास और डंकिनी पुल का निर्माण दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश, अरुण साव ने किया निरीक्षण
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने दंतेवाड़ा बायपास सड़क और डंकिनी नदी पर बन रहे उच्च स्तरीय पुल का निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सड़क और पुल दोनों का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l दंतेवाड़ा जिले में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और शहर को भारी वाहनों के दबाव से राहत दिलाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन बायपास सड़क और डंकिनी नदी पर बन रहे उच्च स्तरीय पुल का कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान अरुण साव ने गीदम से बांगाबाड़ी तक बन रही 10.6 किलोमीटर लंबी दंतेवाड़ा बायपास सड़क और इस मार्ग पर डंकिनी नदी के ऊपर निर्माणाधीन पुल का जायजा लिया। परियोजना में हो रही देरी पर उन्होंने ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई तथा कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा करना प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि आम लोगों को जल्द इसका लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान विधायक चैतराम अटामी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परियोजना की वर्तमान स्थिति और शेष कार्यों की जानकारी दी। समीक्षा में बताया गया कि बायपास सड़क का लगभग 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि डंकिनी नदी पर बन रहे उच्च स्तरीय पुल का करीब 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ है।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार गीदम से बांगाबाड़ी तक बनने वाली इस बायपास सड़क की लंबाई 10.6 किलोमीटर है और इसके निर्माण पर लगभग 26.78 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। वहीं डंकिनी नदी पर 161 मीटर लंबे उच्च स्तरीय पुल के निर्माण पर लगभग 9.29 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह पुल बायपास मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके पूरा होने से पूरे मार्ग की उपयोगिता बढ़ जाएगी।
अरुण साव ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद दंतेवाड़ा शहर में यातायात का दबाव काफी कम होगा। वर्तमान में बैलाडीला, गीदम और जगदलपुर के बीच आवागमन करने वाले भारी वाहनों को दंतेवाड़ा शहर से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे शहर में ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ती हैं। बायपास शुरू होने के बाद भारी वाहन शहर में प्रवेश किए बिना सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्माण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। विभागीय अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और तय समयसीमा के भीतर परियोजना को पूर्ण कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
दंतेवाड़ा बायपास और डंकिनी पुल परियोजना को बस्तर क्षेत्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में शामिल माना जा रहा है। इसके पूरा होने से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क, व्यापारिक गतिविधियों और परिवहन सुविधाओं को भी नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद शहर में जाम और भारी वाहनों की आवाजाही से होने वाली समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।