पुलिस अधीक्षक एमसीबी रत्ना सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा और नगर पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। पुलिस टीम ने उपस्थित लोगों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी।
अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों को अनजान मोबाइल नंबर से आने वाली कॉल, संदिग्ध मैसेज और लिंक पर क्लिक करने से बचने की समझाइश दी। इसके साथ ही अनजान व्यक्तियों द्वारा किए जाने वाले वीडियो कॉल, ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर बुलिंग के संबंध में भी जागरूक किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने OTP फ्रॉड, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और ATM कार्ड से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों से बचने के लिए सावधानी बरतने की अपील की। लोगों को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन ऑफर के झांसे में आने से भी बचने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने आपातकालीन स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए डायल 112 की जानकारी दी। वहीं साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए समझाइश दी गई।
पुलिस के अनुसार, जागरूकता अभियान के दौरान करीब 50 से 60 लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने साइबर अपराधों से बचाव से संबंधित जानकारी प्राप्त की और ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहने का संकल्प लिया।
खड़गवां पुलिस द्वारा आयोजित यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में किया गया प्रयास रहा। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जागरूक करें।