निरीक्षण के दौरान यादव कृषि मंदिर दानीटोला एवं कुणाल कृषि केंद्र कोलियारी का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने दोनों केंद्रों में उपलब्ध उर्वरकों के भौतिक स्टॉक, पीओएस मशीन के माध्यम से किए जा रहे विक्रय, स्टॉक रजिस्टर, मूल्य सूची, विक्रय अभिलेख तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की विस्तार से जांच की। साथ ही किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने विक्रेताओं को स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की लापरवाही किसानों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पीओएस मशीन से होने वाले प्रत्येक विक्रय की जानकारी का मिलान उपलब्ध स्टॉक से किया तथा अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विक्रय केंद्र पर मूल्य सूची एवं स्टॉक सूची का सार्वजनिक प्रदर्शन अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि किसानों को पारदर्शी जानकारी मिल सके और किसी प्रकार की शिकायत की स्थिति उत्पन्न न हो।
कृषि विभाग द्वारा जिले में उर्वरक विक्रय केंद्रों की नियमित निगरानी की जा रही है। विभाग का उद्देश्य किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना तथा उर्वरकों की कृत्रिम कमी, अधिक मूल्य पर बिक्री और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखना है। इसके लिए आगामी दिनों में भी विभिन्न विकासखंडों में निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
कृषि विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, अधिक मूल्य वसूली या खाद की कमी की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।