कोरबा के खेत में दिखा विशालकाय मगरमच्छ, मचा हड़कंप, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

कोरबा जिले के ग्राम तरदा में खेत के भीतर विशालकाय मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। किसानों ने मगरमच्छ को देखकर तत्काल ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों ने सावधानीपूर्वक उसे खेत से बाहर निकाला और वन विभाग को जानकारी दी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर अपने संरक्षण में लिया। वन विभाग द्वारा उसे सुरक्षित प्राकृतिक जलस्रोत में छोड़े जाने की तैयारी की जा रही है।

Aug 8, 2026 - 12:28
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कोरबा के खेत में दिखा विशालकाय मगरमच्छ, मचा हड़कंप, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तरदा में उस समय हड़कंप मच गया, जब खेत में काम कर रहे किसानों को पानी और कीचड़ के बीच एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया। खेत में मगरमच्छ को देखकर किसानों और ग्रामीणों के बीच डर का माहौल बन गया। देखते ही देखते इसकी खबर पूरे गांव में फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी।

जानकारी के अनुसार, किसान खेत में रोजमर्रा का काम कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत के भीतर मौजूद एक बड़े मगरमच्छ पर पड़ी। मगरमच्छ खेत में इधर-उधर जाने और छिपने का प्रयास कर रहा था। अचानक खेत में मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी। इसके बाद कुछ युवकों ने सावधानी और सूझबूझ का परिचय देते हुए मगरमच्छ को खेत से बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को नियंत्रित कर सुरक्षित तरीके से खेत से बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने इसके बाद वन विभाग को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को अपने संरक्षण में लिया। वनकर्मियों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सुरक्षित वाहन में स्थानांतरित किया। वन विभाग की टीम द्वारा मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक आवास के अनुरूप किसी सुरक्षित जलस्रोत में छोड़े जाने की कार्रवाई की जा रही है।

खेत में विशालकाय मगरमच्छ मिलने के बाद आसपास के ग्रामीणों में चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में नदी, नाले और अन्य जलस्रोत मौजूद हैं, जहां मगरमच्छों की मौजूदगी देखी जाती है। ऐसे में कई बार जलस्रोतों के आसपास रहने वाले वन्यजीव खेतों और आबादी वाले इलाकों की ओर भी पहुंच सकते हैं।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि तरदा और आसपास के जलस्रोतों एवं खेतों का निरीक्षण कराया जाए, ताकि यदि इलाके में अन्य मगरमच्छ मौजूद हों तो उनका भी सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके। साथ ही ग्रामीणों को वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने और ऐसी स्थिति में खुद पकड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।

वन विभाग की तत्परता और ग्रामीणों की सूचना के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। इससे संभावित दुर्घटना की आशंका भी टल गई। घटना के बाद अब वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी और आवश्यक जांच की जा रही है।