नल कनेक्शन शुल्क में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस नेता मनोज सिंह ठाकुर का विरोध

रायपुर नगर निगम द्वारा नल कनेक्शन नियमितीकरण शुल्क और पेनाल्टी में की गई वृद्धि का वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने विरोध किया है। उन्होंने इसे आम जनता पर आर्थिक बोझ बताते हुए निर्णय वापस लेने की मांग की है तथा जरूरत पड़ने पर जनआंदोलन और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Jun 23, 2026 - 13:47
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नल कनेक्शन शुल्क में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस नेता मनोज सिंह ठाकुर का विरोध

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर नगर निगम द्वारा नल कनेक्शन के नियमितीकरण और पेनाल्टी शुल्क में की गई वृद्धि को लेकर राजनीतिक विरोध शुरू हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता, अधिवक्ता एवं छत्तीसगढ़ सहकारिता मंडल के पूर्व सदस्य मनोज सिंह ठाकुर ने निगम के इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे जनविरोधी और आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला निर्णय बताया है।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में मनोज सिंह ठाकुर ने कहा कि नगर निगम का प्राथमिक दायित्व नागरिकों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने दावा किया कि नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत जलापूर्ति एक मूलभूत नागरिक सुविधा है और इसके नाम पर अत्यधिक शुल्क वसूलना कानून की मूल भावना के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की तुलना में नल कनेक्शन शुल्क और पेनाल्टी में काफी वृद्धि कर दी गई है। उनके अनुसार आवासीय श्रेणी के लिए लगभग 20 हजार रुपये से अधिक तथा व्यावसायिक श्रेणी के लिए 30 हजार रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई है, जो निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए भारी आर्थिक बोझ साबित हो सकती है।

मनोज सिंह ठाकुर ने यह भी कहा कि नगर निगम द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर शुल्क जमा नहीं करने पर तीन गुना तक पेनाल्टी लगाने और कनेक्शन काटने जैसी चेतावनियां नागरिकों पर अनावश्यक दबाव बनाने वाली हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक दृष्टि से अनुचित बताते हुए कहा कि जनता को दंडित करने के बजाय सुविधाओं में सुधार पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि रायपुर के कई क्षेत्रों में आज भी कम दबाव से पानी मिलने, दूषित जलापूर्ति और पाइपलाइन संबंधी समस्याएं बनी हुई हैं। ऐसे में बुनियादी सुविधाओं में सुधार किए बिना केवल राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से शुल्क वृद्धि करना उचित नहीं माना जा सकता।

कांग्रेस नेता ने मांग की कि नगर निगम और राज्य सरकार इस निर्णय की पुनर्समीक्षा करें तथा शुल्कों को आम नागरिकों की आर्थिक क्षमता के अनुरूप बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जल जैसी आवश्यक सेवा को राजस्व संग्रह का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

मनोज सिंह ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बढ़े हुए शुल्क और पेनाल्टी संबंधी आदेश वापस नहीं लिए गए तो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वार्ड स्तर पर लोगों को संगठित कर आंदोलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी विकल्पों का भी सहारा लिया जाएगा।

इस मुद्दे को लेकर अब नगर निगम के फैसले पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से इस संबंध में क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर नागरिकों और राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।