अमित चिमनानी ने कांग्रेस पर संगठनात्मक विवाद और पीएससी मामले को लेकर उठाए सवाल

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव और छत्तीसगढ़ पीएससी भर्ती मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने पीएससी मामले की जांच में सामने आए तथ्यों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। वहीं, उनके बयान में लगाए गए आरोपों को संबंधित जांच और कांग्रेस के पक्ष के संदर्भ में देखा जाना है।

Sep 25, 2026 - 11:07
 0  3
अमित चिमनानी ने कांग्रेस पर संगठनात्मक विवाद और पीएससी मामले को लेकर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में कथित अनियमितताओं, कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने इन मुद्दों पर कांग्रेस से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उनके द्वारा लगाए गए कई आरोप राजनीतिक दावे हैं, जिन पर संबंधित पक्ष का जवाब इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

अमित चिमनानी ने युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव को लेकर कहा कि कांग्रेस के ही कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से चुनाव प्रक्रिया में कथित फर्जी मतदान, फर्जी मतदाता सूची और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने सरगुजा कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्य पंकज तिवारी द्वारा कथित फर्जी मतदान और मतदाता सूची से संबंधित शिकायत का उल्लेख करते हुए चुनाव निरस्त करने की मांग का दावा किया।

उन्होंने कुनकुरी कांग्रेस अध्यक्ष विनय शील द्वारा पूर्व विधायक और संसदीय सचिव यू.डी. मिंज को चुनाव से दूर रहने की चेतावनी दिए जाने तथा भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी को लेकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों का भी जिक्र किया। इन मामलों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख भाजपा के बयान में नहीं किया गया है।

चिमनानी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा टी.एस. सिंहदेव और चरणदास महंत को मुख्यमंत्री पद के दावेदार के तौर पर बताए जाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी समय होने के बावजूद इस तरह की चर्चा कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर स्थिति पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने इसे कांग्रेस की आंतरिक राजनीति से जोड़ते हुए पार्टी नेतृत्व से जवाब मांगा।

पीएससी भर्ती मामले को लेकर चिमनानी ने चल रही जांच का हवाला देते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने वर्ष 2021 की CGPSC भर्ती परीक्षा के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 1.29 लाख अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए थे और अंतिम रूप से 170 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। उपलब्ध जांच संबंधी रिपोर्टों के अनुसार 2021 भर्ती मामले में सीबीआई ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और चयन में पक्षपात से जुड़े आरोपों की जांच की है।

चिमनानी ने जांच में सामने आए 45 लाख रुपये के कथित CSR लेन-देन का भी उल्लेख किया। अदालत से जुड़े दस्तावेजों में अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह राशि एक संस्था को CSR के रूप में दी गई और इसे कथित तौर पर परीक्षा में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने से जोड़ा गया। संबंधित पक्ष ने अदालत की कार्यवाही में इन आरोपों का विरोध भी किया है, इसलिए इसे जांच एजेंसियों और अभियोजन पक्ष का आरोप माना जाना चाहिए, अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं।

CGPSC मामले में सीबीआई की जांच आगे बढ़ चुकी है और जनवरी 2026 में दाखिल अंतिम आरोपपत्र में 29 आरोपियों के नाम होने की रिपोर्ट सामने आई थी। एजेंसी ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित हेरफेर और चुनिंदा अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

अमित चिमनानी ने राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी इस मामले को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से पीएससी मामले और संगठनात्मक चुनावों से जुड़े विवादों पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश मीडिया सह-संयोजक गोविंदा गुप्ता भी मौजूद रहे।