प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी गरीबों के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ रही है और जनता के पैसों के दुरुपयोग पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जीवाड़ा कर उन लोगों के नाम पर भी राशि निकाल ली गई, जो इस दुनिया में ही नहीं थे।
अमित चिमनानी ने कहा कि जिन हितग्राहियों के पास जमीन का कोई वैध दस्तावेज नहीं था, उनके नाम पर भी सरकारी खजाने से भुगतान किया गया। कई मामलों में पहली किस्त मिलने के बाद दूसरे स्थान के तैयार मकानों की फर्जी तस्वीरें प्रस्तुत कर पूरी राशि निकाल ली गई। उन्होंने इसे गरीबों के साथ सबसे बड़ा धोखा बताया।
प्रदेश प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जब कैग रिपोर्ट में इतने गंभीर तथ्य सामने आए हैं, तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नेतृत्व इस पर मौन क्यों है। उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए पूछा कि गरीबों के आवास के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की राशि क्या केवल राज्य के नेताओं तक ही सीमित रही, या यह पैसा राहुल गांधी और सोनिया गांधी तक भी पहुँचा?
अमित चिमनानी ने कांग्रेस शासनकाल को “घोटालों का काल” बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने केवल आर्थिक भ्रष्टाचार ही नहीं किया, बल्कि धार्मिक आस्थाओं और सामाजिक योजनाओं को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो गईं कि गरीबों के सिर से छत छीनकर सत्ता से जुड़े लोगों ने लाभ कमाया।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेता अब अपने कृत्यों पर मुँह में दही जमाकर बैठे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता सब देख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को यह बताना ही होगा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में हुई अनियमितताओं की जिम्मेदारी किसकी है और दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा गरीबों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती से लड़ेगी और जनता के धन के दुरुपयोग पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।