छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के विवादित बयान पर युवासेना का कड़ा विरोध, कहा — “हमारे पूजनीय देवता और महापुरुष राजनीति के खिलौने नहीं”

छत्तीसगढ़ क्रांति सेना द्वारा समाज के पूजनीय महापुरुषों और आराध्य देवताओं के प्रति दिए गए अपमानजनक बयानों पर युवासेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने इसे धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम बताया और राज्य सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग की। युवासेना ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी प्रेम और एकता की प्रतीक है, नफ़रत बोने वालों को माफ़ नहीं किया जाएगा।

Oct 29, 2025 - 18:13
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छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के विवादित बयान पर युवासेना का कड़ा विरोध, कहा — “हमारे पूजनीय देवता और महापुरुष राजनीति के खिलौने नहीं”

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना द्वारा हाल ही में दिए गए बयान ने पूरे प्रदेश में धार्मिक और सामाजिक हलचल मचा दी है। संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने महाराजा अग्रसेन जी, स्वर्गीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भगवान झूलेलाल जी जैसे पूजनीय व्यक्तित्वों के प्रति अपमानजनक एवं भड़काऊ शब्दों का प्रयोग किया। इस पर युवासेना छत्तीसगढ़ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे समाज को बाँटने की साजिश बताया है।

युवासेना के जारी बयान में कहा गया —
“छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी शांति है, हमारे सभी समाजों के पुरखे पूजनीय हैं, राजनीति के खिलौने नहीं! जो लोग समाजों और पुरखों की मूर्तियाँ तोड़कर हमें बाँटने की कोशिश कर रहे हैं, वो जान लें — हिंदू समाज एक था, एक है, और एक रहेगा!”

संगठन ने आगे कहा कि मूर्तियाँ तोड़कर नफ़रत फैलाने वाले यह भूल रहे हैं कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रेम बोया जाता है, ज़हर नहीं। युवासेना ने इस पूरे प्रकरण को राज्य की सामाजिक एकता के लिए गंभीर खतरा बताया और कहा कि ऐसे बयान छत्तीसगढ़ की “शांति और सौहार्द्र की परंपरा” को कलंकित करने वाले हैं।

संगठन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे शांतिपूर्ण लेकिन मज़बूत विरोध दर्ज करा रहे हैं और राज्य सरकार से मांग की है कि इस मामले की कानूनी जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

युवासेना ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की कि शांति और भाईचारा बनाए रखें, और उन तत्वों से सतर्क रहें जो समाज में विभाजन फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ हमेशा से संस्कृति, एकता और सद्भाव की भूमि रहा है। युवासेना का कहना है कि अगर ऐसे अपमानजनक बयान और कृत्य दोहराए गए, तो समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देंगे।

युवासेना का यह बयान छत्तीसगढ़ में सामाजिक एकता और सम्मान की भावना को दोहराता है — कि यहां हर समाज के पुरखों का सम्मान सर्वोपरि है, और किसी को भी उनके नाम पर नफ़रत फैलाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।