सऊदी अरब पर हूतियों का मिसाइल हमला, 6 बैलिस्टिक मिसाइलें इंटरसेप्ट; यानबू और ताइफ को बनाया निशाना

यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। 24 सितंबर 2026 को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि हूतियों द्वारा दागी गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। मिसाइलों का लक्ष्य यानबू और ताइफ क्षेत्र बताया गया है। दूसरी ओर, हूतियों ने रियाद और यानबू में सऊदी अरामको से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है।

Sep 25, 2026 - 11:22
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सऊदी अरब पर हूतियों का मिसाइल हमला, 6 बैलिस्टिक मिसाइलें इंटरसेप्ट; यानबू और ताइफ को बनाया निशाना

UNITED NEWS OF ASIA. सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। 24 सितंबर 2026 को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि हूतियों की ओर से सऊदी अरब के खिलाफ दागी गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की के अनुसार, मिसाइलों को ताइफ और लाल सागर के रणनीतिक बंदरगाह शहर यानबू की दिशा में रोका गया।

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, मिसाइल हमले के बाद कई क्षेत्रों में सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए थे। नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने मक्का, जेद्दा, यानबू, ताइफ और तबूक समेत कुछ क्षेत्रों में संभावित खतरे को लेकर चेतावनी दी। बाद में अधिकारियों ने बताया कि खतरा टल गया है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस हमले से बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है।

दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने भी हमले को लेकर अपना दावा पेश किया है। हूतियों के मुताबिक, उन्होंने सऊदी राजधानी रियाद में एक कथित संवेदनशील ठिकाने और यानबू में सऊदी अरामको की सुविधाओं को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि नहीं हुई है।

यानबू सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह लाल सागर के किनारे स्थित प्रमुख तेल निर्यात और रिफाइनिंग केंद्रों में शामिल है। क्षेत्र में किसी भी सैन्य घटना से तेल आपूर्ति और समुद्री परिवहन को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। हाल की घटनाओं के बीच यानबू क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान बढ़ा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान यानबू क्षेत्र में एक बैलिस्टिक मिसाइल और एक ड्रोन को इंटरसेप्ट किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। Reuters ने एक ग्रीक सुरक्षा स्रोत के हवाले से बताया कि सऊदी अरब में ग्रीक सैन्यकर्मियों द्वारा संचालित एयर डिफेंस सिस्टम ने दोनों को रोकने में भूमिका निभाई।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब यमन में हूतियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच संघर्ष जारी है। हाल के दिनों में सऊदी अरब के अलग-अलग हिस्सों को लेकर मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आती रही हैं। 19 सितंबर को भी सऊदी गठबंधन ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने का दावा किया था।

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने अपने हवाई सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए सहयोगी देशों से सहायता मांगी है। वहीं, फ्रांस की ओर से यानबू की सुरक्षा के लिए सैनिकों, रडार और एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने की योजना की जानकारी सामने आई है।

फिलहाल सऊदी अरब और हूतियों की ओर से किए गए दावों के बीच घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। छह बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने की सऊदी पक्ष की जानकारी की पुष्टि कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों ने की है, जबकि रियाद और यानबू में विशेष ठिकानों को नुकसान पहुंचाने के हूती दावों की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।