कुरडीह में नाली निर्माण पर भ्रष्टाचार के आरोप, पहली बारिश में ढहने की आशंका से ग्रामीण नाराज
बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड के ग्राम पंचायत कुरडीह में निर्माणाधीन नाली को लेकर ग्रामीणों ने घटिया निर्माण और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और सूचना पटल भी नहीं लगाया गया है। मामले में अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के बयानों के बाद जांच की मांग तेज हो गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरडीह में निर्माणाधीन नाली को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। कब्रिस्तान के पास लाखों रुपये की लागत से बनाई जा रही इस नाली की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है और यह पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो सकती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों के अनुसार नाली का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है, लेकिन इसकी संरचना कई जगह टेढ़ी-मेढ़ी दिखाई दे रही है। उनका आरोप है कि निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमेंट और गिट्टी का मिश्रण पर्याप्त मजबूत नहीं है तथा मिट्टीयुक्त रेत का उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण की मजबूती प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों के लिए अनिवार्य सूचना पटल (साइन बोर्ड) भी मौके पर नहीं लगाया गया है। उनका कहना है कि बोर्ड नहीं होने के कारण लोगों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही कि परियोजना की कुल लागत कितनी है, किस विभाग द्वारा कार्य कराया जा रहा है और निर्माण एजेंसी कौन है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि यह नाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) सड़क के किनारे बनाई जा रही है। उनका आरोप है कि निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप सरिया का उपयोग नहीं किया जा रहा और लागत कम करने के लिए गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
मामले में जब जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय कुमार दुबे से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस कार्य की विस्तृत जानकारी नहीं है और इसकी लागत सहित अन्य तथ्यों की जांच करनी होगी। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि यह निर्माण कार्य उनके माध्यम से नहीं कराया जा रहा है। दूसरी ओर पंचायत सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित तकनीकी अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य का नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर गुणवत्ता की जांच होती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि जिला प्रशासन निर्माण कार्य की गुणवत्ता, लागत, तकनीकी मानकों और प्रक्रिया की जांच कराए। प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं और निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।