धरसीवां की प्राचीन बावड़ी में डूबने से दो मासूमों की मौत, खेलते समय हुआ हादसा

रायपुर जिले के धरसीवां थाना क्षेत्र स्थित कुंबरगढ़ के प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर की बावड़ी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चे सुबह खेलते समय बावड़ी में गिर गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए और मामले की जांच शुरू कर दी है।

Jul 11, 2026 - 14:10
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धरसीवां की प्राचीन बावड़ी में डूबने से दो मासूमों की मौत, खेलते समय हुआ हादसा

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l जिले के धरसीवां थाना क्षेत्र से शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई। कुंबरगढ़ स्थित प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर परिसर की प्राचीन बावड़ी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 7 वर्षीय साक्षी साहू और 4 वर्षीय श्रवण धीवर के रूप में हुई है। दोनों बच्चे रायपुर जिले के कुर्रा, धरसीवां के निवासी थे। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह दोनों बच्चे घर के पास खेलते-खेलते प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर परिसर स्थित बावड़ी के पास पहुंच गए। इसी दौरान किसी तरह उनका संतुलन बिगड़ गया और वे बावड़ी में गिर गए।

कुछ समय बाद जब बच्चों का कहीं पता नहीं चला तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान दोनों बच्चों के बावड़ी में गिरने की आशंका जताई गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को बावड़ी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। मासूम बच्चों की मौत की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा खेलते समय हुआ है। हालांकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और प्रत्यक्षदर्शियों सहित परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के कारणों की औपचारिक पुष्टि होगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राचीन बावड़ी गहरी होने के कारण वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने ऐसे ऐतिहासिक जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

धरसीवां थाना पुलिस ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। वहीं इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और ग्रामीण प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।