लैलूंगा में पहाड़ी कोरवा परिवारों के सर्वे के लिए सर्वे दलों को मिला विशेष प्रशिक्षण

रायगढ़ के लैलूंगा विकासखंड में पहाड़ी कोरवा (पीवीटीजी) परिवारों के डिजिटल सर्वे के लिए सर्वे दलों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस अभियान के तहत 81 परिवारों का डिजिटल डेटा संकलन कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

Jun 17, 2026 - 17:05
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लैलूंगा में पहाड़ी कोरवा परिवारों के सर्वे के लिए सर्वे दलों को मिला विशेष प्रशिक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़, 17 जून 2026 को जनपद पंचायत लैलूंगा के सभा कक्ष में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के अंतर्गत आने वाले पहाड़ी कोरवा परिवारों के सर्वे कार्य को लेकर सर्वे दलों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में रहने वाले सभी पात्र परिवारों का सटीक एवं डिजिटल डेटा संकलन कर उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत जोड़ना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में लैलूंगा विकासखंड के सभी सर्वे दलों को मोबाइल आधारित सर्वे एप्लीकेशन के माध्यम से डेटा संग्रहण की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें परिवारवार विवरण दर्ज करना, आधार और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन, तथा बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं को ऑनलाइन अपडेट करने की प्रक्रिया समझाई गई।

अधिकारियों ने बताया कि शासन के नवीन परिसीमन आदेश के अनुसार रायगढ़ जिले के 28 ग्रामों में कुल 556 पहाड़ी कोरवा परिवारों की पहचान की गई है, जिनकी जनसंख्या लगभग 2385 है। इनमें से लैलूंगा विकासखंड के 10 ग्रामों में 81 पहाड़ी कोरवा परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 321 है। इन सभी परिवारों का विस्तृत सामाजिक एवं आर्थिक सर्वे कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान सर्वे दलों को मोबाइल सर्वे एप का लाइव डेमो भी दिया गया, जिसमें डेटा एंट्री की प्रक्रिया, सत्यापन प्रणाली और त्रुटि सुधार के तरीके समझाए गए। साथ ही सर्वे कार्य के दौरान आने वाली तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियों पर भी चर्चा की गई और उनके समाधान बताए गए।

आदिवासी विकास विभाग रायगढ़ के मास्टर ट्रेनर्स आरिफ खान और मनीषा चौहान ने सर्वे दलों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने कहा कि सर्वे में दर्ज किया गया प्रत्येक डेटा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की नींव है, इसलिए जानकारी पूरी तरह सही और प्रमाणिक होनी चाहिए।

यह विशेष अभियान भारत सरकार और राज्य शासन के निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य पीवीटीजी परिवारों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर उन्हें मूलभूत सुविधाओं से जोड़ना है। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि यह डिजिटल सर्वे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि दूरस्थ और कमजोर जनजातीय समुदायों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के अंत में सर्वे दलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और शत-प्रतिशत सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उपस्थित अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि यह पहल पहाड़ी कोरवा समुदाय के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।