खेरथा में प्रस्तावित बायो गैस/सीएनजी प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

दुर्ग जिले के ग्राम खेरथा में प्रस्तावित बायो गैस/सीएनजी प्लांट के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने चरागाह भूमि, पर्यावरण और स्वास्थ्य पर संभावित प्रभावों का हवाला देते हुए परियोजना पर रोक लगाने और निष्पक्ष जांच की मांग की।

Jul 22, 2026 - 12:50
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खेरथा में प्रस्तावित बायो गैस/सीएनजी प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत खेरथा में प्रस्तावित बायो गैस/सीएनजी प्लांट के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में कलेक्टर दुर्ग को ज्ञापन सौंपकर प्लांट निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जनभावनाओं तथा पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की अपील की।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि जिस भूमि पर प्लांट स्थापित किया जा रहा है, उसका उपयोग वर्षों से चरागाह के रूप में होता रहा है। आसपास के गांवों के पशुपालक अपने पशुओं को इसी क्षेत्र में चराने लाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस भूमि पर औद्योगिक परियोजना स्थापित होती है तो पशुओं के लिए चारे की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी और पशुपालकों की आजीविका प्रभावित होगी।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम सभा और पंचायत द्वारा दर्ज कराई गई आपत्तियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उनका दावा है कि पूरी प्रक्रिया में स्थानीय जनभावनाओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने इस मामले में संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

ज्ञापन में प्रस्तावित प्लांट से होने वाले संभावित पर्यावरणीय प्रभावों पर भी चिंता जताई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट के संचालन से दुर्गंध, प्रदूषण, भूजल पर प्रतिकूल प्रभाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उनका मानना है कि ऐसे प्रोजेक्ट की स्थापना से पहले विस्तृत पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का आकलन आवश्यक है।

राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों, ग्रामीणों और पशुपालकों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों की आपत्तियों और मांगों की अनदेखी कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया गया तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सभी आपत्तियों के निराकरण और ग्रामीणों से संवाद के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की कि चरागाह भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका सुझाव है कि यदि बायो गैस/सीएनजी प्लांट की स्थापना आवश्यक हो, तो इसके लिए किसी अन्य उपयुक्त शासकीय भूमि का चयन किया जाए, जिससे किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों के हित प्रभावित न हों।

ज्ञापन सौंपने के दौरान राकेश ठाकुर, हेमंत साहू, नरेश कुमार उपाध्याय, जितेंद्र टंडन, मंगलू सिन्हा, नवाब अली, अरुण साहू, महेंद्र साहू, रवि चेलक, दया साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।