अमरकंटक में कांवड़ियों की सेवा के लिए अन्नकूट रथ रवाना, मृत्युंजय आश्रम में चलेगा निःशुल्क भंडारा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सावन माह में अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए संचालित होने वाले निःशुल्क भंडारे हेतु अन्नकूट रथ को रवाना किया। भंडारे में प्रतिदिन भोजन और ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

Jul 30, 2026 - 15:24
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अमरकंटक में कांवड़ियों की सेवा के लिए अन्नकूट रथ रवाना, मृत्युंजय आश्रम में चलेगा निःशुल्क भंडारा

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। सावन मास में अमरकंटक से जल लेकर भोरमदेव और बुढ़ा महादेव मंदिर तक पदयात्रा करने वाले हजारों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम में संचालित होने वाले निःशुल्क भंडारे के लिए अन्नकूट रथ को रवाना किया। विधायक कार्यालय परिसर में पूजा-अर्चना के बाद हर-हर नर्मदे और बोल बम के जयकारों के बीच भोजन सामग्री से भरे वाहनों को अमरकंटक के लिए रवाना किया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के भगत पटेल, नरेन्द्र मानिकपुरी, रवि राजपूत, खिलेश्वर साहू, प्रवीण परिहार सहित जनप्रतिनिधि एवं पार्षद उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर मृत्युंजय आश्रम में पूरे सावन माह के दौरान कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन और ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। प्रतिदिन दाल, भात, सब्जी, खीर, पूड़ी और हलवा सहित विभिन्न व्यंजन श्रद्धालुओं को परोसे जाएंगे। आयोजन समिति का उद्देश्य लंबी पदयात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक भोजन एवं विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराना है।

जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष भी इस सेवा का लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने लिया था। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए भंडारे की व्यवस्था को और अधिक विस्तृत एवं सुव्यवस्थित बनाया गया है। भोजन सामग्री, रसोई संचालन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की पहले से तैयारी कर ली गई है, ताकि पूरे सावन माह में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

हर वर्ष सावन मास में लाखों श्रद्धालु अमरकंटक से पवित्र नर्मदा जल लेकर भोरमदेव और बुढ़ा महादेव मंदिरों तक कांवड़ यात्रा करते हैं। इस दौरान उन्हें कई दिनों तक पैदल यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में मार्ग में भोजन, पानी और विश्राम जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना धार्मिक सेवा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व भी माना जाता है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक सहयोग का भी प्रतीक है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। मृत्युंजय आश्रम में संचालित निःशुल्क भंडारा इसी सेवा भावना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सावन के पूरे महीने संचालित होने वाला यह भंडारा हजारों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए राहत का केंद्र बनेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों की सहभागिता से यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहयोग और जनसेवा का भी उदाहरण प्रस्तुत करेगा।