बघमरा रेलवे क्रॉसिंग के पास अस्थायी बैरिकेडिंग से सुरक्षा पर सवाल, स्थायी व्यवस्था की मांग
बालोद जिले में बघमरा-मेंड़की से बालोद जाने वाले मुख्य मार्ग पर बघमरा रेलवे क्रॉसिंग के पास पुल पर लकड़ी और बांस से की गई अस्थायी बैरिकेडिंग राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है। स्थानीय मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए संबंधित विभाग से निरीक्षण, चेतावनी संकेत और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत जताई गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बघमरा-मेंड़की से बालोद जाने वाले मुख्य मार्ग पर बघमरा रेलवे क्रॉसिंग के पास पुल पर की गई अस्थायी बैरिकेडिंग राहगीरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है। मौके पर लकड़ी और बांस के सहारे अस्थायी घेराबंदी दिखाई दे रही है। इस मार्ग से आने-जाने वाले वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।
मौके की तस्वीरों में पुल के आसपास सड़क किनारे लकड़ी और बांस की मदद से घेराबंदी की गई दिखाई देती है। ऐसी व्यवस्था कितनी मजबूत और सुरक्षित है, यह संबंधित विभाग के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। हालांकि, पुल जैसे संवेदनशील स्थान पर वाहन चालकों को स्पष्ट संकेत और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मिलना आवश्यक है, ताकि आवागमन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
रात के समय बढ़ सकती है परेशानी
इस मार्ग पर रात के समय या कम रोशनी में सफर करने वाले वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि अस्थायी बैरिकेडिंग पर्याप्त मजबूत नहीं है या वहां चेतावनी संकेत और दृश्यता की उचित व्यवस्था नहीं है, तो वाहन चालकों को स्थिति का अंदाजा लगाने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका को कम करने के लिए समय रहते सुरक्षा इंतजामों की जांच जरूरी है।
बघमरा-मेंड़की से बालोद आने-जाने वाले लोगों के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण है। ऐसे में पुल के पास सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। अस्थायी व्यवस्था के स्थान पर जरूरत के अनुसार मजबूत बैरिकेडिंग, स्पष्ट चेतावनी संकेत और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए, जिससे वाहन चालकों को पहले से ही संभावित खतरे की जानकारी मिल सके।
जिम्मेदार विभाग से स्थायी व्यवस्था की मांग
मौके की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभाग को पुल और उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करना चाहिए। निरीक्षण के दौरान बैरिकेडिंग की मजबूती, सड़क की स्थिति और वाहन चालकों को मिलने वाले संकेतों की जांच की जा सकती है। यदि मौजूदा व्यवस्था अपर्याप्त पाई जाती है, तो उसे दुरुस्त कर स्थायी और सुरक्षित इंतजाम किए जाने चाहिए।
अब सवाल यह है कि संबंधित विभाग इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाता है या नहीं। राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय पहले से सावधानी बरतना जरूरी है। बघमरा रेलवे क्रॉसिंग के पास पुल पर सुरक्षित आवागमन के लिए मजबूत बैरिकेडिंग और उचित चेतावनी संकेतों की व्यवस्था लोगों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।