विश्व सिर एवं गर्दन कैंसर दिवस: समय पर जांच और जागरूकता से बचाई जा सकती है जान
विश्व सिर एवं गर्दन कैंसर दिवस के अवसर पर एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. भरत भूषण खुर्से ने लोगों से समय पर जांच कराने, तंबाकू से दूरी बनाने और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और आधुनिक उपचार से इस कैंसर का सफल इलाज संभव है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l विश्व सिर एवं गर्दन कैंसर दिवस (27 जुलाई) के अवसर पर लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. भरत भूषण खुर्से ने कहा कि सिर एवं गर्दन के कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर जांच, जागरूकता और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाना है। उनका कहना है कि यदि शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समय रहते चिकित्सकीय सलाह ली जाए, तो इस बीमारी का सफल उपचार संभव है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।
डॉ. खुर्से ने बताया कि भारत में सिर एवं गर्दन का कैंसर सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसरों में शामिल है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण तंबाकू का सेवन है। गुटखा, पान मसाला, खैनी, बीड़ी और सिगरेट जैसे तंबाकू उत्पाद इस बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। इसके अलावा अत्यधिक शराब का सेवन और कुछ मामलों में एचपीवी (HPV) संक्रमण भी कैंसर की संभावना को बढ़ा सकता है।
उन्होंने कहा कि शरीर इस बीमारी के संकेत पहले से देना शुरू कर देता है, लेकिन अधिकांश लोग इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यदि मुंह का कोई छाला दो सप्ताह से अधिक समय तक ठीक न हो, गर्दन में गांठ महसूस हो, आवाज में लगातार बदलाव बना रहे, निगलने में परेशानी हो, मुंह में सफेद या लाल रंग के धब्बे दिखाई दें या बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन कम होने लगे, तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
डॉ. खुर्से ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में लगातार हो रही प्रगति के कारण अब सिर एवं गर्दन कैंसर का प्रभावी उपचार उपलब्ध है। आधुनिक सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसी उन्नत तकनीकों की मदद से मरीजों का सफल इलाज किया जा रहा है। यदि बीमारी शुरुआती अवस्था में पकड़ में आ जाए, तो उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है और मरीज की बोलने, खाने तथा सामान्य जीवन जीने की क्षमता भी सुरक्षित रखी जा सकती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि कैंसर से डरने के बजाय उसके प्रति जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध लक्षण को नजरअंदाज न करें। नियमित स्वास्थ्य जांच, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और तंबाकू उत्पादों से पूरी तरह दूरी बनाना इस बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विश्व सिर एवं गर्दन कैंसर दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों से संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे और अपने परिवार व समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। उनका कहना है कि कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार महंगा इलाज नहीं, बल्कि सही समय पर लिया गया सही निर्णय और समय पर की गई जांच है। जागरूकता, सतर्कता और समय पर उपचार से हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है।