अंडा-खप्परवाडा पुलिया का टूटा डिवाइडर बना हादसों की वजह, मरम्मत की मांग तेज

दुर्ग-बालोद मुख्य मार्ग पर अंडा और खप्परवाडा के बीच स्थित पुलिया का वर्षों से टूटा डिवाइडर लगातार सड़क हादसों का कारण बन रहा है। शनिवार को एक बार फिर कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने पुलिया की तत्काल मरम्मत, सड़क सुधार और सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।

Jul 26, 2026 - 18:13
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अंडा-खप्परवाडा पुलिया का टूटा डिवाइडर बना हादसों की वजह, मरम्मत की मांग तेज

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l दुर्ग-बालोद मुख्य मार्ग पर अंडा और खप्परवाडा के बीच स्थित पुलिया का क्षतिग्रस्त डिवाइडर लगातार सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनता जा रहा है। पिछले दो से तीन वर्षों से टूटा पड़ा यह डिवाइडर अब तक मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहा है। शनिवार को एक बार फिर इसी स्थान पर एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों में विभागीय लापरवाही को लेकर नाराजगी और बढ़ गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त कार में चार लोग सवार थे, जो ग्राम दनिया के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद कार के दरवाजे नहीं खुल पाए, जिसके चलते स्थानीय लोगों ने शीशा तोड़कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित बच गए।

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया का डिवाइडर लंबे समय से टूटा हुआ है और सड़क भी कई स्थानों पर जर्जर हो चुकी है। इस संबंध में कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक माह पहले इस समस्या को समाचार पत्रों में भी प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था, जिसके बाद केवल अस्थायी रूप से कुछ बोल्डर रख दिए गए। हालांकि, पुलिया के डिवाइडर का पुनर्निर्माण अब भी नहीं किया गया है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह मार्ग दुर्ग और बालोद जिले को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। रात के समय टूटा हुआ डिवाइडर और खराब सड़क स्पष्ट दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि पुलिया के क्षतिग्रस्त डिवाइडर का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए। साथ ही सड़क की मरम्मत, रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक, बैरिकेड और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की भी व्यवस्था की जाए, ताकि वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

शनिवार को हुई यह दुर्घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पहले ही आवश्यक मरम्मत कार्य कर दिया गया होता, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था।

अब लोगों की निगाहें प्रशासन और लोक निर्माण विभाग पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि इस बार संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिया की मरम्मत और सड़क सुधार का कार्य शीघ्र शुरू करेगा, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके।