दुर्ग में कसारीडीह पोल्ट्री फार्म रिडेवलपमेंट पर बैठक, कम्पोजिट बिल्डिंग व ऑक्सीजोन परियोजना पर चर्चा

दुर्ग में जिला स्तरीय परियोजना समिति की बैठक में कसारीडीह पोल्ट्री फार्म भूमि के रिडेवलपमेंट, कम्पोजिट बिल्डिंग निर्माण और ऑक्सीजोन परियोजना सहित कई विकास प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

Jun 15, 2026 - 18:07
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दुर्ग में कसारीडीह पोल्ट्री फार्म रिडेवलपमेंट पर बैठक, कम्पोजिट बिल्डिंग व ऑक्सीजोन परियोजना पर चर्चा

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिले में विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय परियोजना समिति की बैठक कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में जिले में प्रस्तावित विभिन्न रिडेवलपमेंट परियोजनाओं, शहरी विकास योजनाओं एवं आधारभूत संरचना निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा जारी रिडेवलपमेंट पॉलिसी के तहत शासकीय भूमि पर स्थित पुरानी एवं जर्जर परिसंपत्तियों के पुनर्विकास पर विशेष रूप से विचार किया गया। इसके अंतर्गत कसारीडीह स्थित पशुपालन विभाग के पोल्ट्री फार्म की 39.01 एकड़ भूमि के समग्र विकास का प्रस्ताव प्रमुख रूप से प्रस्तुत किया गया।

प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान पोल्ट्री फार्म को ग्राम अंजोरा में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां लगभग 27 एकड़ भूमि में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया पोल्ट्री फार्म विकसित किया जाएगा। इस नए फार्म में ब्रिडर शेड, ग्रोवर शेड, हैचरी, फीड प्लांट, प्रशासनिक भवन, आवासीय क्वार्टर, बाउंड्रीवॉल सहित सभी आवश्यक अधोसंरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 63.24 करोड़ रुपये रखी गई है।

कसारीडीह स्थित वर्तमान भूमि का उपयोग आवासीय, व्यावसायिक एवं सार्वजनिक विकास के लिए किए जाने की योजना है, जिससे शहर के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इस रिडेवलपमेंट मॉडल से न केवल शहरी संरचना का विस्तार होगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर नगर नियोजन भी संभव होगा।

बैठक में कम्पोजिट बिल्डिंग निर्माण परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस परियोजना की प्रारंभिक लागत 22.46 करोड़ रुपये से बढ़ाकर लगभग 40 करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में इस भवन के निर्माण की घोषणा के बाद इसे प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। भवन निर्माण की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को दी जाने की संभावना है।

इसके साथ ही 27.50 एकड़ भूमि पर आवासीय एवं व्यावसायिक विकास की योजना पर भी विचार किया गया। शहरवासियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 5 एकड़ भूमि पर ऑक्सीजोन विकसित करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। यह ऑक्सीजोन विकसित होने के बाद नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत जीएडी आवासों की संख्या को 216 से बढ़ाकर 336 किए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिससे प्रशासनिक एवं आवासीय सुविधाओं का विस्तार हो सके।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने इन प्रस्तावों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सहमति प्रदान की। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजनाएं जिले के समग्र विकास और आधुनिक शहरी ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।