दुर्ग में विकसित भारत VBG-RAM-G अंतर्गत दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शुरू

दुर्ग में विकसित भारत जी-राम-जी (VBG-RAM-G) अंतर्गत दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों की क्षमता संवर्धन करना है।

Jun 15, 2026 - 18:00
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दुर्ग में विकसित भारत VBG-RAM-G अंतर्गत दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शुरू

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग में विकसित भारत जी-राम-जी (VBG-RAM-G) अंतर्गत दो दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 15 एवं 16 जून 2026 को किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता संवर्धन करना तथा विकसित भारत के लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।

इस प्रशिक्षण में दुर्ग संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों—दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी—के सहायक परियोजना अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी सहभागी हुए हैं।

कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर एवं सहायक परियोजना अधिकारी (मनरेगा) द्वारा विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) के विभिन्न उद्देश्यों एवं घटकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि इस योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, समृद्ध और भविष्य के लिए सक्षम बनाना है।

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि योजना के अंतर्गत स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, ग्रामीण आजीविका को सशक्त करना, उद्यमिता को प्रोत्साहित करना तथा सतत विकास के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना का निर्माण करना शामिल है। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम में “भविष्य के लिए तैयार ग्राम पंचायतें” की अवधारणा पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इसके अंतर्गत तकनीकी नवाचार, जलवायु अनुकूलन, सतत विकास और आधुनिक संसाधनों के उपयोग को ग्राम विकास योजनाओं में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को दीर्घकालिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को ग्राम स्तरीय योजना निर्माण की प्रक्रिया, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, विभिन्न योजनाओं के अभिसरण (convergence) और उनके सफल क्रियान्वयन संबंधी व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की गई।

प्रतिभागियों ने इस अवसर पर ग्राम पंचायतों के आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया और यह मत व्यक्त किया कि सामूहिक एवं समन्वित प्रयासों से ही ग्रामीण विकास को गति दी जा सकती है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को केवल सैद्धांतिक ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान करना है, ताकि वे ग्राम स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर सकें और विकसित भारत के लक्ष्य को जमीनी स्तर पर साकार किया जा सके।