जशपुर में निकली हेलमेट जागरूकता रैली, प्रशासन ने दिया सख्त संदेश—“सड़क सुरक्षा ही जीवन रक्षा”
जशपुर में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से बाइक हेलमेट जागरूकता रैली निकालकर लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में 70 से अधिक जवान शामिल हुए और नागरिकों को हेलमेट पहनने तथा सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. योगेश यादव, जशपुर l जशपुर (छत्तीसगढ़)। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जशपुर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा एक भव्य हेलमेट जागरूकता बाइक रैली का आयोजन किया गया। यह रैली 18 अप्रैल 2026 को कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह तथा नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद कुमार भगत के नेतृत्व में निकाली गई।
रैली में 70 से अधिक पुलिस और नगर सेना के अधिकारी एवं जवान शामिल हुए। यह रैली रक्षित केंद्र जशपुर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों—टिकिटगंज, बाघिमा, महाराज चौक, रणजीता स्टेडियम, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, भागलपुर, दरबारी टोली, बाजार डांड और बस स्टैंड होते हुए पुनः रक्षित केंद्र पहुंचकर समाप्त हुई। रैली के दौरान “हेलमेट पहनें, सुरक्षित रहें और परिवार को खुश रखें” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों की मृत्यु का मुख्य कारण हेलमेट न पहनना है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के समय सिर में गंभीर चोट लगने से जान जाने का खतरा अधिक होता है, जबकि हेलमेट पहनने से इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं हेलमेट पहनें और अपने परिवार एवं परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
कलेक्टर रोहित व्यास ने अपने संबोधन में कहा कि यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट और दोपहिया वाहन में चालक व पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य है। इसे केवल नियम न मानकर अपनी आदत में शामिल करना चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं से होने वाली गंभीर क्षति से बचा जा सके।
नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद कुमार भगत ने भी नागरिकों से जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं तेज गति, नशे में वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। इसलिए सभी नागरिकों को नियमों का पालन करना चाहिए और विशेष रूप से हेलमेट पहनने की आदत डालनी चाहिए। साथ ही उन्होंने नाबालिगों को वाहन न चलाने देने की भी अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासकीय अधिकारी-कर्मचारी स्वयं नियमों का पालन कर आम नागरिकों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि बिना हेलमेट या अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सड़क पर चलते समय बाईं ओर चलें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और मोबाइल फोन का उपयोग न करें। साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें और सड़क को सुरक्षित बनाए रखने में सहयोग करें।
इस अभियान के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि “सड़क सुरक्षा ही जीवन रक्षा” है, और जागरूकता एवं जिम्मेदारी से ही दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है।