किरंदुल में पत्रकारों का अनोखा प्रदर्शन, गड्ढों में पौधारोपण कर जताया विरोध
दंतेवाड़ा के किरंदुल में खस्ताहाल सड़कों के विरोध में पत्रकारों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए गड्ढों में पौधारोपण किया। इस रचनात्मक पहल के जरिए सड़क सुधार और पर्यावरण संरक्षण दोनों मुद्दों को उठाया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल नगर में खस्ताहाल सड़कों के खिलाफ पत्रकारों ने एक अनोखे और रचनात्मक तरीके से विरोध दर्ज कराया। स्थानीय पत्रकारों ने गौरव पथ की जर्जर स्थिति को उजागर करने के लिए सड़क के गड्ढों में पौधारोपण कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। यह प्रदर्शन न केवल सड़क की बदहाल स्थिति पर सवाल उठाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता है।
जानकारी के अनुसार, किरंदुल में बस स्टैंड से लेकर रिंग रोड नंबर-4 तक बनी सड़क, जिस पर करीब 12.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, कुछ ही समय में गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क की इस खराब हालत के कारण स्थानीय लोगों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब ये गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
पत्रकारों ने इस मुद्दे को उठाने के लिए पारंपरिक विरोध के बजाय एक अनूठा तरीका अपनाया। उन्होंने सड़क के गड्ढों में पौधे लगाकर यह संदेश देने की कोशिश की कि अगर सड़कों की मरम्मत नहीं की जाएगी, तो ये गड्ढे खेतों में बदल जाएंगे। इस प्रतीकात्मक विरोध ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
प्रदर्शन में शामिल पत्रकारों का कहना है कि यह केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार पहल है, जिसका उद्देश्य शासन-प्रशासन को जमीनी हकीकत से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि सड़कों की गुणवत्ता इतनी खराब है, तो यह गंभीर जांच का विषय है। उन्होंने संबंधित विभागों से मांग की कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
इस प्रदर्शन के दौरान राहुल महाजन, राजू रेड्डी, किशोर कुमार रामटेके, किशोर जाल और एस.एच. अजहर सहित कई पत्रकार और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर सड़क सुधार की मांग को मजबूती से उठाया।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक और रचनात्मक विरोध है, जो प्रशासन को सोचने पर मजबूर करेगा। लोगों ने उम्मीद जताई कि इस प्रदर्शन के बाद संबंधित अधिकारी जल्द ही सड़कों की मरम्मत के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
कुल मिलाकर, किरंदुल में पत्रकारों द्वारा किया गया यह अनोखा प्रदर्शन एक उदाहरण बन गया है कि किस तरह सामाजिक मुद्दों को रचनात्मक तरीके से उठाकर व्यापक जनसमर्थन हासिल किया जा सकता है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस संदेश को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़क सुधार के लिए क्या कदम उठाता है।