गरियाबंद में तेंदुए का हमला: खेत गए ग्रामीण पर झपटा, साहस से बची जान

गरियाबंद जिले के पाण्डुका वन परिक्षेत्र में खेत गए एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहीं क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

May 5, 2026 - 12:06
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गरियाबंद में तेंदुए का हमला: खेत गए ग्रामीण पर झपटा, साहस से बची जान

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l जिले के छुरा क्षेत्र से एक गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां खेत गए एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया। यह घटना पाण्डुका वन परिक्षेत्र के तिलईदादर बीट की है, जहां ग्राम गिधनी निवासी तुलसी राम ठाकुर अचानक जंगली जानवर के हमले का शिकार हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

जानकारी के अनुसार, तुलसी राम ठाकुर अपने खेत की ओर गए हुए थे, तभी घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में ग्रामीण के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। हालांकि, उन्होंने हिम्मत और सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी तरह खुद को बचाया और मौके से निकलने में सफल रहे। आसपास के लोगों को जब घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत घायल को उपचार के लिए छुरा उपस्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।

इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की भावना गहरा गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाण्डुका वन क्षेत्र घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जहां जंगली जानवरों की आवाजाही आम बात है। विशेष रूप से तेंदूपत्ता तोड़ाई के मौसम में जंगलों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा और भी बढ़ जाता है।

ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्होंने मांग की है कि वन विभाग द्वारा नियमित गश्त बढ़ाई जाए और ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभाग के अधिकारियों ने घायल ग्रामीण से मुलाकात कर प्राथमिक सहायता के रूप में 1000 रुपये की राशि प्रदान की। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग खेतों या जंगल की ओर जाने से डर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे क्षेत्रों में जागरूकता, सतर्कता और बेहतर प्रबंधन से ही इस तरह की घटनाओं को कम किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, गरियाबंद में हुआ यह तेंदुए का हमला न केवल एक व्यक्ति के लिए खतरे की स्थिति बना, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है। अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाते हैं, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।