बालोद शिक्षा विभाग में 2016 की अनुकंपा नियुक्ति पर सवाल, RTI में सामने आई जानकारी

बालोद जिला शिक्षा विभाग में वर्ष 2016 में हुई एक अनुकंपा नियुक्ति को लेकर RTI कार्यकर्ता यशवंत निषाद ने सवाल उठाए हैं। RTI से मिली जानकारी के अनुसार मृतक प्रधान पाठक भजनलाल साहू के परिवार के कुछ सदस्य पहले से शासकीय सेवा में थे। अब नियुक्ति के नियमों और प्रक्रिया को लेकर विभागीय रिकॉर्ड की जांच की मांग उठ रही है।

Aug 17, 2026 - 12:23
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बालोद शिक्षा विभाग में 2016 की अनुकंपा नियुक्ति पर सवाल, RTI में सामने आई जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l जिला शिक्षा विभाग में वर्ष 2016 में दी गई एक अनुकंपा नियुक्ति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सूचना के अधिकार के माध्यम से सामने आई जानकारी के आधार पर RTI कार्यकर्ता यशवंत निषाद ने नियुक्ति की प्रक्रिया और उस समय लागू नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए हैं। मामला स्वर्गीय भजनलाल साहू की मृत्यु के बाद उनकी बहू गीतेश्वरी साहू को दी गई अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा है।

भजनलाल साहू प्रधान पाठक के पद पर कार्यरत थे। उनके निधन के बाद वर्ष 2016 में उनकी बहू गीतेश्वरी साहू को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने की जानकारी सामने आई है। RTI कार्यकर्ता का सवाल है कि नियुक्ति के समय मृतक शासकीय सेवक के परिवार के अन्य सदस्य शासकीय सेवा में थे या नहीं और यदि थे, तो संबंधित नियमों के तहत बहू को अनुकंपा नियुक्ति किस आधार पर प्रदान की गई।

परिवार के सदस्यों की शासकीय सेवा का दावा

RTI से प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया गया है कि वर्तमान में गीतेश्वरी साहू शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोंडी में लेखपाल के पद पर पदस्थ हैं। वहीं उनके पति राजेंद्र कुमार साहू शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरेतरा में सहायक शिक्षक विज्ञान के पद पर कार्यरत बताए गए हैं।

इसके अलावा मृतक शिक्षक के दूसरे पुत्र के संबंध में जानकारी दी गई है कि वे भारतीय सेना में जवान के रूप में सेवा कर रहे हैं। इन जानकारियों के आधार पर RTI कार्यकर्ता ने नियुक्ति के समय परिवार की आर्थिक और शासकीय सेवा संबंधी स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं।

अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को लेकर सवाल

RTI कार्यकर्ता यशवंत निषाद के अनुसार, अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित सामान्य प्रशासन विभाग के 14 जून 2013 के निर्देश और समय-समय पर जारी संशोधनों एवं परिपत्रों में मृतक शासकीय सेवक के परिवार के किसी सदस्य के पहले से शासकीय सेवा में होने की स्थिति में अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।

इन्हीं प्रावधानों का हवाला देते हुए नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। RTI कार्यकर्ता ने यह जानने की मांग की है कि वर्ष 2016 में गीतेश्वरी साहू को अनुकंपा नियुक्ति देते समय विभाग ने किन नियमों, दस्तावेजों और परिस्थितियों को आधार बनाया था।

विभागीय रिकॉर्ड से स्पष्ट होगी स्थिति

मामला सामने आने के बाद अब नियुक्ति से जुड़े विभागीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों पर नजर है। मुख्य सवाल यह है कि वर्ष 2016 में नियुक्ति के समय मृतक कर्मचारी के परिवार की स्थिति क्या थी और विभाग ने किस नियम के तहत नियुक्ति को स्वीकृति दी।

यदि नियुक्ति निर्धारित नियमों के अनुरूप हुई थी, तो उसके लिए किन प्रावधानों और दस्तावेजों को आधार बनाया गया, यह विभागीय रिकॉर्ड से स्पष्ट हो सकता है। वहीं यदि किसी विशेष परिस्थिति या प्रावधान के तहत नियुक्ति दी गई थी, तो उसकी जानकारी भी संबंधित दस्तावेजों से सामने आ सकती है।

फिलहाल RTI के माध्यम से सामने आई जानकारी के आधार पर सवाल उठाए गए हैं। नियुक्ति नियमों के अनुरूप थी या नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभागीय रिकॉर्ड, नियमों और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।