दिनांक 18 जून 2026 की रात लगभग 8:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि शक्ति नगर स्थित एक राइस मिल परिसर के कुएं में एक शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान यशवंत सारथी (उम्र 26 वर्ष) के रूप में की गई।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि युवक की हत्या अत्यंत बेरहमी से की गई थी। उसके सिर पर भारी वस्तु से वार किया गया था तथा शरीर पर धारदार कटर से भी चोटों के निशान पाए गए। इसके बाद आरोपियों ने शव को छिपाने के इरादे से कुएं में फेंक दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मोहन नगर पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज किया और भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत विवेचना शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर तेजी से जांच आगे बढ़ाई और महज 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या 1,500 रुपये के लेनदेन विवाद को लेकर की गई थी। बताया गया कि मृतक ने एक आरोपी से 1,500 रुपये उधार लिए थे, जिसे वापस न करने पर विवाद बढ़ गया। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई।
योजना के अनुसार मुख्य आरोपी ने मृतक को फोन कर घटनास्थल पर बुलाया। जैसे ही वह वहां पहुंचा, पहले से मौजूद सभी आरोपियों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। हमले में पत्थर से सिर कुचला गया और कटर से भी गंभीर चोटें पहुंचाई गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के लिए शव को पास के कुएं में फेंक दिया और फरार हो गए। पुलिस ने जांच के दौरान सभी सातों आरोपियों को हिरासत में लिया, जो सभी नाबालिग (18 वर्ष से कम आयु) पाए गए हैं।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पत्थर, कटर और अन्य साक्ष्यों को भी जब्त किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है, लेकिन त्वरित कार्रवाई से पूरी घटना का खुलासा समय पर हो सका। दुर्ग पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधों पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।