छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- न पुलिस की ज्यादती चलेगी, न उपद्रवियों को राहत मिलेगी

NEET परीक्षा पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि पुलिस की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन प्रदर्शन की आड़ में हिंसा या अपराध करने वालों को भी राहत नहीं मिलेगी। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि निर्दोष छात्रों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।

Aug 3, 2026 - 14:58
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छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- न पुलिस की ज्यादती चलेगी, न उपद्रवियों को राहत मिलेगी

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ किया कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जहां पुलिस द्वारा अधिकारों के दुरुपयोग या ज्यादती को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, वहीं प्रदर्शन की आड़ में हिंसा और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को भी किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।

सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए जहां यह संदेश जाए कि पुलिस की हर कार्रवाई को सही मान लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी पुलिस अधिकारी ने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है तो उसके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी।

CJI ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन इस अधिकार की आड़ में कानून तोड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल आपराधिक तत्वों को अदालत से राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार का उद्देश्य छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाएगी ताकि किसी निर्दोष छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े।

तुषार मेहता ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि सरकार ने याचिकाकर्ताओं के साथ बातचीत की है और मामले का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे लोगों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जा सकती।

गौरतलब है कि NEET परीक्षा पेपर लीक के विरोध में देश के कई हिस्सों में छात्रों ने प्रदर्शन किए थे। दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई स्थानों पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल कर पुलिस कार्रवाई की जांच और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अदालत छात्रों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने को भी जरूरी मानती है। अदालत ने दोनों पक्षों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया है।

अब आगे की सुनवाई में पुलिस कार्रवाई, छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं पर विचार किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।