US में धार्मिक स्थलों के बाहर 100 फीट का प्रोटेस्ट-फ्री जोन, बिल को आगे बढ़ाने की तैयारी

अमेरिका में धार्मिक स्थलों पर पूजा करने वाले लोगों की सुरक्षा और बिना बाधा प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए 100 फीट के प्रोटेस्ट-फ्री बफर जोन का प्रस्ताव सामने आया है। Right to Worship Act को सांसद टॉम सुोजी और ब्रैड नॉट ने द्विदलीय समर्थन के साथ पेश किया है। 30 से अधिक राष्ट्रीय धार्मिक संगठनों ने भी इस कानून को आगे बढ़ाने का समर्थन किया है।

Sep 17, 2026 - 19:24
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US में धार्मिक स्थलों के बाहर 100 फीट का प्रोटेस्ट-फ्री जोन, बिल को आगे बढ़ाने की तैयारी

UNITED NEWS OF ASIA. अमेरिका में धार्मिक स्थलों पर पूजा करने वाले लोगों की सुरक्षा और उन्हें बिना डर या बाधा के धार्मिक सेवाओं में शामिल होने का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए 100 फीट के प्रोटेस्ट-फ्री बफर जोन का प्रस्ताव आगे बढ़ाया जा रहा है। इस दिशा में सांसद टॉम सुोजी और ब्रैड नॉट ने Right to Worship Act पेश किया है। यह विधेयक चर्च, मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारे और अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास धार्मिक सेवाओं के दौरान लोगों के प्रवेश में जानबूझकर बाधा डालने या उन्हें डराने-धमकाने जैसी गतिविधियों को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव रखता है।

यह विधेयक अप्रैल 2026 में पेश किए गए SACRED Act के बाद लाया गया है। SACRED Act का उद्देश्य धार्मिक स्थलों के 100 फीट के दायरे में पूजा करने जा रहे लोगों को जानबूझकर डराने, रास्ता रोकने या परेशान करने जैसी गतिविधियों से सुरक्षा देना था। अगस्त में पेश किए गए Right to Worship Act में इस दायरे को बरकरार रखते हुए धार्मिक सेवाओं में व्यवधान डालने वाले अतिरिक्त व्यवहार को भी शामिल किया गया है।

6 अगस्त 2026 को पेश किए गए Right to Worship Act में शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति और ऐसे प्रदर्शन को संरक्षित रखने की बात कही गई है, जिससे किसी व्यक्ति की पूजा के लिए पहुंच प्रभावित न हो। प्रस्तावित कानून के तहत उल्लंघन पर सिविल जुर्माने का प्रावधान है। पहली बार उल्लंघन पर 2,500 डॉलर और आगे के उल्लंघनों पर 10,000 डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। विधेयक लोगों और संबंधित सरकारी अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई का अधिकार देने का भी प्रस्ताव करता है।

16 सितंबर 2026 को टॉम सुोजी और ब्रैड नॉट ने इस विधेयक को आगे बढ़ाने की अपील की। उनके साथ विभिन्न धार्मिक और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सांसदों के अनुसार, इस कानून को दोनों दलों के समर्थन के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी दौरान बताया गया कि 30 से अधिक राष्ट्रीय संगठनों ने Right to Worship Act का समर्थन किया है।

समर्थन करने वाले संगठनों में Hindu American Foundation, UNITED SIKHS, American Jewish Committee, BAPS Swaminarayan Sanstha, Coalition of Hindus of North America, Hadassah, Orthodox Union और अन्य संगठन शामिल हैं। इन संगठनों ने अलग-अलग बयानों में धार्मिक स्थलों तक सुरक्षित पहुंच और पूजा के दौरान लोगों को डराने या परेशान करने से बचाने की जरूरत पर जोर दिया है।

BAPS Swaminarayan Sanstha के प्रतिनिधि ने बताया कि उसके चार मंदिरों में हाल के वर्षों में तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं। वहीं अन्य समर्थक संगठनों ने कहा है कि प्रस्ताव का उद्देश्य किसी एक धर्म को विशेष सुरक्षा देना नहीं, बल्कि अलग-अलग धार्मिक समुदायों के लोगों को पूजा स्थलों तक सुरक्षित पहुंच उपलब्ध कराना है। इस विधेयक में शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखने की बात भी कही गई है।