हड़ताल की वजह से बंद हुआ एफिल टावर, महिला कर्मचारियों को हटाने के आरोप पर मैनेजमेंट ने मानी गलती

फ्रांस की राजधानी पेरिस में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मशहूर एफिल टावर को बंद करना पड़ा। मामला BAPS के करीब 100 सदस्यों के दौरे से पहले कुछ महिला कर्मचारियों को उनकी जगह से हटाने के आरोप से जुड़ा है। कर्मचारियों की नाराजगी के बाद प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकार की।

Sep 8, 2026 - 15:36
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हड़ताल की वजह से बंद हुआ एफिल टावर, महिला कर्मचारियों को हटाने के आरोप पर मैनेजमेंट ने मानी गलती

UNITED NEWS OF ASIA. पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित दुनिया के मशहूर पर्यटन स्थलों में शामिल एफिल टावर सोमवार को कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बंद रहा। यह विवाद हिंदू संगठन बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) के करीब 100 सदस्यों के दौरे से जुड़ा है। आरोप है कि संगठन के प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से पहले कुछ महिला कर्मचारियों को उनकी निर्धारित जगह से हटने के लिए कहा गया था, ताकि वहां पुरुष कर्मचारियों को तैनात किया जा सके। इस फैसले से महिला कर्मचारी नाराज हो गईं और उन्होंने इसे अपमानजनक बताया।

जानकारी के मुताबिक, BAPS के प्रतिनिधिमंडल का एफिल टावर दौरा शनिवार को प्रस्तावित था। BAPS के सदस्य ब्रह्मचर्य सहित कुछ धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। आरोप है कि इन्हीं नियमों को ध्यान में रखते हुए कुछ महिला कर्मचारियों को उनकी जगह से हटाने का अनुरोध किया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि महिला कर्मचारियों को हटाने का निर्णय सीधे BAPS की ओर से लिया गया था या एफिल टावर प्रबंधन की स्थानीय व्यवस्था का हिस्सा था।

मामले को लेकर सोमवार को कर्मचारियों की बैठक हुई। कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बातचीत के बाद भी जब विवाद का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। इसके चलते एफिल टावर को पर्यटकों के लिए बंद रखना पड़ा। विवाद बढ़ने के बाद एफिल टावर के प्रबंधन ने स्वीकार किया कि महिला कर्मचारियों को हटाने का अनुरोध नहीं किया जाना चाहिए था।

BAPS ने भी मामले पर अपना पक्ष रखा। संगठन के अनुसार, करीब 100 सदस्यों के एफिल टावर दौरे की योजना संगठन और टावर प्रबंधन ने मिलकर तैयार की थी। दौरे का समय इस तरह निर्धारित किया गया था कि अन्य पर्यटकों को कम से कम परेशानी हो। BAPS का कहना है कि उसकी जानकारी में किसी भी व्यक्ति को एफिल टावर में प्रवेश करने से नहीं रोका गया। हालांकि, यदि इस घटना से किसी को दुख या परेशानी हुई है तो संगठन ने इसके लिए माफी मांगी है।

मामले पर फ्रांस के राजनीतिक नेताओं ने भी नाराजगी जताई। पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर ने घटना की जांच कराने की बात कही और कर्मचारियों की नाराजगी को जायज बताया। समानता मंत्री ऑरोर बर्जे ने कहा कि फ्रांस में महिलाओं से खुद को छिपाने के लिए नहीं कहा जाता और कोई भी धार्मिक आस्था देश के कानून से ऊपर नहीं हो सकती।

दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन और पूर्व प्रधानमंत्री गैब्रियल अताल ने भी घटना की आलोचना की। अताल ने कहा कि किसी संस्कृति, आस्था या धर्म के नाम पर महिलाओं को यह तय करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता कि उन्हें किसी स्थान पर कहां रहना है।

BAPS स्वयं को हिंदू आध्यात्मिक एवं स्वयंसेवी संगठन बताता है। संगठन के साधु और स्वामी ब्रह्मचर्य के धार्मिक नियमों का पालन करते हैं और महिलाओं से दूरी बनाए रखने को अपनी साधना का हिस्सा मानते हैं। हालांकि, एफिल टावर में महिला कर्मचारियों को हटाने का फैसला इन्हीं नियमों के कारण हुआ था या स्थानीय स्तर पर प्रबंधन द्वारा लिया गया निर्णय था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।