मोहन भागवत के अमेरिका दौरे से पहले USCIRF की RSS पर प्रतिबंध की मांग, नेताओं से मुलाकात न करने की अपील

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित अमेरिका दौरे से पहले अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग USCIRF ने RSS को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने अमेरिकी सरकार से RSS से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं पर लक्षित प्रतिबंध लगाने तथा RSS नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठकों से बचने की अपील की है। भारत ने USCIRF की रिपोर्ट और उसके निष्कर्षों को पहले ही पक्षपातपूर्ण बताते हुए खारिज किया है।

Aug 20, 2026 - 09:36
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मोहन भागवत के अमेरिका दौरे से पहले USCIRF की RSS पर प्रतिबंध की मांग, नेताओं से मुलाकात न करने की अपील

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित अमेरिका दौरे से पहले RSS को लेकर अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग यानी USCIRF की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। आयोग ने अमेरिकी सरकार से RSS से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ लक्षित प्रतिबंधों पर विचार करने तथा उसके नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठकों से बचने की अपील की है।

USCIRF की 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट में भारत को “Country of Particular Concern” के रूप में नामित करने की सिफारिश के साथ RSS और Research and Analysis Wing यानी RAW जैसे संगठनों से जुड़े व्यक्तियों एवं संस्थाओं पर लक्षित प्रतिबंधों की सिफारिश भी की गई है।

रिपोर्ट में USCIRF ने आरोप लगाया है कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न के मामलों को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं। आयोग ने अमेरिकी सरकार से धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े कथित उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और संस्थाओं पर कार्रवाई की सिफारिश की है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे की तैयारियां चल रही हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के लोगों से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। उनके अमेरिका दौरे के दौरान भारतीय समुदाय और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की भी संभावना बताई गई है।

USCIRF के रुख के बाद यह मुद्दा भारत और अमेरिका के बीच राजनीतिक एवं कूटनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है। आयोग का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों को ऐसे RSS नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठक या राजनयिक शिष्टाचार नहीं करना चाहिए, जिन पर धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन से जुड़े आरोप हों।

वहीं, भारत सरकार पहले ही USCIRF की रिपोर्ट को खारिज कर चुकी है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मार्च 2026 में USCIRF की रिपोर्ट को भारत के बारे में पक्षपातपूर्ण और विकृत तस्वीर पेश करने वाला बताया था। भारत सरकार का कहना था कि USCIRF कई वर्षों से संदिग्ध स्रोतों और वैचारिक कथनों पर निर्भर करते हुए भारत की एकतरफा तस्वीर पेश करता रहा है।

भारत ने यह भी कहा था कि USCIRF को भारत की चुनिंदा आलोचना करने के बजाय अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमलों, भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती असहिष्णुता और अन्य संबंधित घटनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।

इस पूरे विवाद के बीच अब सबकी नजर मोहन भागवत के आगामी अमेरिका दौरे पर है। USCIRF की मांग और भारत सरकार के जवाब के बाद RSS प्रमुख की यात्रा को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।