‘कांग्रेस आज की नई मुस्लिम लीग’, वंदे मातरम पर BJP का हमला, CWC के फैसले को बताया संविधान का अपमान

वंदे मातरम के केवल पहले दो छंद गाने के कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फैसले पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने इसे राष्ट्रगीत और संविधान का अपमान बताते हुए कांग्रेस को ‘आज की नई मुस्लिम लीग’ करार दिया। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी 1937 में लिए गए फैसले के अनुसार वंदे मातरम का वही संस्करण गाएगी।

Aug 20, 2026 - 09:47
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‘कांग्रेस आज की नई मुस्लिम लीग’, वंदे मातरम पर BJP का हमला, CWC के फैसले को बताया संविधान का अपमान

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर देश में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की ओर से पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल पहले दो छंद गाने के फैसले पर बीजेपी ने कांग्रेस को निशाने पर लिया है। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के इस निर्णय को राष्ट्रगीत का अपमान बताते हुए इसे राजनीतिक तुष्टिकरण से जोड़ दिया है।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने अपने प्रस्ताव में स्पष्ट किया है कि पार्टी 1937 में कांग्रेस की ओर से लिए गए फैसले के अनुसार वंदे मातरम के पहले दो छंदों का ही इस्तेमाल करेगी। कांग्रेस का कहना है कि वंदे मातरम उसके लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक विषय है, जबकि बीजेपी इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है।

वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कांग्रेस के निर्णय को संविधान का अपमान बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले जिस मुद्दे को व्यक्तिगत आचरण बताकर टालने की कोशिश की थी, अब उसी बात को पार्टी की नीति के रूप में प्रस्ताव का रूप दे दिया है।

नितिन नबीन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम का अपमान उन स्वतंत्रता सेनानियों और बलिदानियों का अपमान है, जिन्होंने इस गीत को राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़ा था। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस आज की नई मुस्लिम लीग बन गई है।

बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस खुद को देश और संविधान से ऊपर मान रही है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर 1937 में मुस्लिम लीग की जो आपत्ति थी, कांग्रेस का मौजूदा रुख उसी सोच से मिलता-जुलता है।

वंदे मातरम को लेकर विवाद के बीच कांग्रेस अपने पुराने रुख का हवाला दे रही है। पार्टी का कहना है कि 28 अक्टूबर 1937 को अपनाए गए संस्करण के अनुसार ही उसके कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत का गायन किया जाएगा। कांग्रेस ने हालिया बदलावों और पूरे गीत के गायन को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी आपत्ति जताई है।

बीजेपी का दावा है कि वंदे मातरम देश के स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़ा हुआ है और इसके पूरे स्वरूप को लेकर किसी भी तरह की आपत्ति राष्ट्रभावना से जुड़ा मुद्दा है। इसी आधार पर बीजेपी लगातार कांग्रेस पर हमला कर रही है।

वंदे मातरम को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब देशभर में राष्ट्रगीत के पूरे स्वरूप और इसके गायन को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है। कांग्रेस और बीजेपी के अलग-अलग रुख के कारण आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।