थाना पिपरिया पहुंचे कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्र-छात्राएं, पुलिस की कार्यप्रणाली समझी और साइबर अपराध से बचाव की सीख ली

कबीरधाम जिले में साइबर जागृति अभियान के तहत सरस्वती शिशु मंदिर के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को थाना पिपरिया का भ्रमण कराया गया। विद्यार्थियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझा और साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी हासिल की।

Sep 8, 2026 - 15:48
Sep 8, 2026 - 15:50
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थाना पिपरिया पहुंचे कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्र-छात्राएं, पुलिस की कार्यप्रणाली समझी और साइबर अपराध से बचाव की सीख ली

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l साइबर अपराधों से बचाव और विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से कबीरधाम पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 8 सितंबर 2026 को साइबर जागृति अभियान के तहत थाना पिपरिया क्षेत्र स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को थाना पिपरिया का भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से जाना और साइबर अपराध से बचने के महत्वपूर्ण उपाय सीखे।

यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आशीष शुक्ला के दिशा-निर्देश में आयोजित किया गया। थाना परिसर पहुंचने पर विद्यार्थियों में पुलिस की कार्यप्रणाली और थाने की व्यवस्थाओं को करीब से देखने को लेकर खासा उत्साह नजर आया।

थाना पिपरिया प्रभारी निरीक्षक नितिन तिवारी ने विद्यार्थियों को थाना परिसर का भ्रमण कराया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पुलिस द्वारा किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, आमजन की सुरक्षा और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए पुलिस की भूमिका के बारे में भी विद्यार्थियों को विस्तार से बताया गया।

थाना भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने पुलिस के दैनिक कार्यों और थाना स्तर पर होने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं को समझा। विद्यार्थियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़े अलग-अलग विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं भी रखीं, जिनका पुलिस अधिकारियों ने जानकारी देकर समाधान किया।

कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना भी रहा। साइबर जागृति अभियान के तहत छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपाय बताए गए। विद्यार्थियों को विशेष रूप से समझाया गया कि किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

इसके अलावा अनजान नंबरों से आने वाले संदिग्ध कॉल, फर्जी मैसेज, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी से सावधान रहने की सलाह दी गई। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने तथा अपनी निजी जानकारी, फोटो और अन्य संवेदनशील विवरण अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

पुलिस ने कहा कि किसी भी तरह के साइबर अपराध का सामना होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देना जरूरी है। समय पर सूचना मिलने से साइबर ठगी के मामलों में कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन के लिए चॉकलेट का वितरण भी किया गया। थाना भ्रमण और साइबर जागरूकता कार्यक्रम से विद्यार्थियों को पुलिस व्यवस्था को समझने के साथ डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और सजग रहने की सीख मिली।

कबीरधाम पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित किया जा सके।