कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक, सेवा संकल्प अभियान और डीएमएफ कार्यों की हुई समीक्षा

बेमेतरा कलेक्ट्रेट में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं, सेवा संकल्प अभियान, डीएमएफ कार्यों, घुमंतू पशुओं की व्यवस्था और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Sep 8, 2026 - 16:03
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कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक, सेवा संकल्प अभियान और डीएमएफ कार्यों की हुई समीक्षा

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l कलेक्ट्रेट स्थित दिशा सभाकक्ष में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन, आगामी सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों, जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) के कार्यों, घुमंतू पशुओं की व्यवस्था और विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को अपने निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए लक्ष्य पूर्ति की दिशा में गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में आगामी सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि अभियान के तहत निर्धारित सभी गतिविधियों का समय पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को शिविरों के लिए हितग्राहियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। 17 सितंबर को दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रदर्शित करने के लिए भी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा गया। अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए मुनादी, बैनर, पोस्टर और सोशल मीडिया का उपयोग करने के निर्देश दिए गए।

डीएमएफ कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सभी निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मापदंडों का पालन, जियो टैगिंग, थर्ड पार्टी निरीक्षण और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यों में देरी या गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित ठेकेदार, एजेंसी और मॉनिटरिंग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। एसडीएम और तकनीकी अधिकारियों को डीएमएफ कार्यों का स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित एवं घुमंतू पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर भी कलेक्टर ने चिंता जताई। पशुधन विकास विभाग, नगर पालिका और जनपद पंचायतों को समन्वय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पशुओं को सुरक्षित रूप से गौठान, गोशाला या कांजी हाउस में रखने तथा वहां चारा, पानी, छाया और प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। घायल और बीमार पशुओं के उपचार के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा टीम सक्रिय रखने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, जल जीवन मिशन, पीएम जनमन योजना, आयुष्मान भारत, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, पेंशन योजनाओं और राजस्व प्रकरणों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन और पीजी पोर्टल में लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अधिकारी संवेदनशीलता के साथ शिकायतों का निराकरण करें।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर, अपर कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।