कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एन. झारिया और जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष प्रदीप पप्पू साहू प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर अभियान की विधिवत शुरुआत की। दीप प्रज्वलन के बाद उपस्थित छात्र-छात्राओं और महाविद्यालय स्टाफ को अभियान के उद्देश्य और सेवा कार्यों के महत्व की जानकारी दी गई।
प्राचार्य डॉ. आर. एन. झारिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों को समझना भी एक विद्यार्थी के व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जुड़ने और अपनी क्षमता के अनुसार समाजहित में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष प्रदीप पप्पू साहू ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सेवा संकल्प अभियान विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सरोकार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अभियान के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न रचनात्मक और सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि के रूप में उतम ठाकुर भी उपस्थित रहे। इसके अलावा महाविद्यालय के पूर्व जनभागीदारी समिति अध्यक्ष प्रदीप साहू, जनभागीदारी समिति सदस्य सन्तू साहू, बसंत चौबे और अनू वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। महाविद्यालय की कार्यक्रम संयोजक ज्योति सूर्यवंशी के साथ डॉ. अरविन्द धुवे, एकता रावत, शिवाशी मालवीय, डॉ. विजय गुवे, डॉ. राहुल यादव और डॉ. अमिताभ अहिरवार सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक कार्यक्रम में शामिल हुए।
आयोजन में महाविद्यालय की एनसीसी और एनएसएस इकाई से जुड़े विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और रचनात्मक गतिविधियों में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को समाज के विभिन्न वर्गों के साथ जुड़कर जनहित से जुड़े कार्यों में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ को सफल बनाने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों और स्टाफ ने अभियान के तहत होने वाले रचनात्मक एवं सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की प्रतिबद्धता जताई। आयोजन के माध्यम से महाविद्यालय परिसर में सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यों के लिए सकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास किया गया।