50 लाख की नाली पहली बारिश में क्षतिग्रस्त, किरोड़ीमल नगर में गुणवत्ता पर उठे सवाल
रायगढ़ के किरोड़ीमल नगर में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से बनी नाली के कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त होने पर नगरवासियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल रायगढ़ l रायगढ़ जिले के नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर के प्रमुख छठ तालाब के समीप लगभग 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित नाली कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त हो गई है। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है और उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024-25 में स्वीकृत इस परियोजना के तहत लगभग 150 से 200 मीटर लंबी नाली का निर्माण कराया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य नगर का गंदा पानी छठ तालाब में जाने से रोकना और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना था। लेकिन निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद नाली के कई हिस्सों में दरारें और क्षति दिखाई देने लगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले बिना अधिक बारिश के ही नाली का एक हिस्सा टूट गया था, जिसकी बाद में मरम्मत कराई गई। इसके बावजूद हाल ही में हुई बारिश के दौरान करीब 50 मीटर नाली दोबारा ढह गई। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
नगरवासियों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बने निर्माण का पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होना गंभीर चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना का डिजाइन और एस्टीमेट तकनीकी रूप से कमजोर था तथा निर्माण में मानकों से समझौता किया गया। हालांकि, इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या निर्माण कार्य के दौरान संबंधित अधिकारियों और तकनीकी अमले ने समय-समय पर निरीक्षण किया था। यदि निरीक्षण हुआ, तो निर्माण में आई इन खामियों को समय रहते क्यों नहीं पकड़ा जा सका। नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक धन से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता की समीक्षा कर यदि किसी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर के अधिकारियों से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन नगर पंचायत अधिकारी कार्यालयीन कार्य से बाहर बताए गए। वहीं, इंजीनियर के बिलासपुर में होने की जानकारी दी गई। दोनों अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। ऐसे में उनका पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो पाया।