इसे आसान भाषा में किसी इमारत की नींव और पिलर्स से समझा जा सकता है। इमारत की बुनियादी संरचना तय होने के बाद उसके ऊपर कमरों का लेआउट, आकार और डिजाइन बदला जा सकता है। इसी तरह कार प्लेटफॉर्म में अंडरबॉडी स्ट्रक्चर, व्हीलबेस की बुनियादी गुंजाइश, एक्सल की स्थिति और सस्पेंशन माउंटिंग प्वाइंट जैसे महत्वपूर्ण हिस्से तय किए जाते हैं। इसके बाद इंजीनियर और डिजाइनर इसी बेस पर अलग-अलग लंबाई, चौड़ाई, ग्राउंड क्लीयरेंस और बॉडी स्टाइल के वाहन विकसित कर सकते हैं।
ऑटो कंपनियों के लिए Modular Platform का सबसे बड़ा फायदा लागत और समय को नियंत्रित करना है। किसी नए कार प्लेटफॉर्म को शून्य से विकसित करने में डिजाइन, इंजीनियरिंग, क्रैश टेस्टिंग और उत्पादन व्यवस्था तैयार करने पर काफी निवेश करना पड़ता है। अगर हर मॉडल के लिए अलग प्लेटफॉर्म बनाया जाए तो विकास लागत और उत्पादन प्रक्रिया दोनों जटिल हो सकती हैं। एक साझा और फ्लेक्सिबल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से कंपनियों को कई मॉडलों में समान इंजीनियरिंग और कंपोनेंट्स का उपयोग करने का अवसर मिलता है।
इस व्यवस्था में Bulk Sourcing का फायदा भी मिलता है। एक जैसे या साझा कंपोनेंट्स की बड़ी मात्रा में खरीद होने से सप्लाई चेन को व्यवस्थित करना आसान हो सकता है। इसके अलावा, एक ही बेस आर्किटेक्चर से जुड़े मॉडल तैयार करने वाली उत्पादन प्रक्रिया को कंपनियां अपने कारखानों में अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे नए मॉडल विकसित करने और बाजार में उतारने की प्रक्रिया को भी बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है।
ग्राहकों के नजरिए से भी इस तकनीक का असर देखने को मिलता है। साझा आर्किटेक्चर और पहले से विकसित इंजीनियरिंग के इस्तेमाल से आधुनिक सेफ्टी और इलेक्ट्रॉनिक तकनीक को अलग-अलग सेगमेंट की गाड़ियों में शामिल करना आसान हो सकता है। हालांकि एक ही प्लेटफॉर्म पर बनी कारों का ड्राइविंग अनुभव जरूरी नहीं कि एक जैसा हो। कंपनियां मॉडल के उद्देश्य के अनुसार सस्पेंशन डैम्पिंग, स्टीयरिंग रिस्पॉन्स, व्हील साइज और पावरट्रेन ट्यूनिंग में बदलाव करती हैं। इसलिए एक ही बेस पर बनी दो गाड़ियों का आराम, हैंडलिंग और ड्राइविंग कैरेक्टर अलग हो सकता है।
मॉडर्न ऑटो इंडस्ट्री में प्लेटफॉर्म की अवधारणा अब सिर्फ पारंपरिक चेसिस तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रिक वाहनों के दौर में Skateboard Architecture जैसे डिजाइन सामने आए हैं, जिसमें बैटरी पैक और इलेक्ट्रिक ड्राइव सिस्टम को वाहन के निचले हिस्से में एक मॉड्यूलर संरचना के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ Software-Defined Vehicle की अवधारणा भी तेजी से महत्वपूर्ण हो रही है, जहां वाहन के कई फीचर्स सॉफ्टवेयर के जरिए नियंत्रित और अपडेट किए जा सकते हैं।
भविष्य में Modular Platform का महत्व और बढ़ सकता है, क्योंकि कंपनियों को पेट्रोल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक जैसे अलग-अलग पावरट्रेन विकल्पों के साथ बदलती बाजार मांग के अनुसार तेजी से नए मॉडल तैयार करने की जरूरत है। इस तरह एक साझा आर्किटेक्चर ऑटो कंपनियों को इंजीनियरिंग, उत्पादन और लागत प्रबंधन में अधिक लचीलापन देने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।