मुहर्रम पर दिल्ली में हाई अलर्ट, ताजिया जुलूस की सुरक्षा के लिए ड्रोन से निगरानी, 2000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

मुहर्रम के अवसर पर दिल्ली में निकलने वाले ताजिया जुलूस को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। ड्रोन, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और क्यूआरटी टीमों को भी तैनात किया गया है।

Jun 25, 2026 - 17:41
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मुहर्रम पर दिल्ली में हाई अलर्ट, ताजिया जुलूस की सुरक्षा के लिए ड्रोन से निगरानी, 2000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली । मुहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में निकलने वाले ताजिया जुलूस को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। इस बार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। जुलूस की निगरानी ड्रोन और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से की जाएगी, जबकि राजधानी के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की 10वीं तारीख को आशूरा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में देशभर में ताजिया जुलूस निकाले जाते हैं। दिल्ली में भी हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन जुलूसों में शामिल होते हैं। इसी को देखते हुए पुलिस ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली और उत्तर दिल्ली के क्षेत्रों को संवेदनशील मानते हुए विशेष सुरक्षा योजना तैयार की गई है। इन इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 14 ड्रोन लगाए जाएंगे, जबकि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए फेशियल रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर भी पूरे जुलूस की रिकॉर्डिंग करेंगे।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में करीब 1100 स्थानीय पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त सुरक्षा बलों की 20 कंपनियां भी मांगी गई हैं। वहीं उत्तर दिल्ली में 5 सहायक पुलिस आयुक्त, 37 निरीक्षक और 924 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। दिल्ली पुलिस की अन्य इकाइयों और बाहरी सुरक्षा बलों को भी सुरक्षा ड्यूटी में लगाया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग, त्वरित कार्रवाई टीम (QRT) और दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस अतिरिक्त बल तैनात रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी थानों में रिजर्व पुलिस बल भी तैयार रहेगा। साथ ही स्वयंसेवकों को भी जुलूस के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में शामिल किया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए थाना स्तर से लेकर जिला स्तर तक अमन कमेटियों, भाईचारा समितियों, स्थानीय प्रतिष्ठित लोगों और जुलूस आयोजकों के साथ कुल 21 बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों में शांतिपूर्ण आयोजन, आपसी समन्वय और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

आयोजन समिति के अनुसार, आशूरा का मुख्य ताजिया जुलूस शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दोपहर 3 बजे निकलेगा। जामा मस्जिद और पुल बंगश क्षेत्र से निकलने वाले दोनों प्रमुख जुलूस आगे चलकर जोर बाग स्थित स्थानीय करबला में पहुंचकर संपन्न होंगे। जुलूस में लगभग 50 से 60 ताजिए शामिल होने की संभावना है और प्रत्येक ताजिए के साथ स्वयंसेवकों की अलग टीम व्यवस्था संभालेगी।

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक, अतिरिक्त सुरक्षा बल और स्थानीय सहयोग के माध्यम से मुहर्रम का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने की पूरी तैयारी कर ली गई है।